देहरादून। राज्य सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के 15 अधिकारियों के पदभार बदल दिए हैं। प्रमुख सचिव शैलेश बगौली की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आदेश में कहा गया है कि सभी अधिकारी बिना देरी कार्यभार ग्रहण करें और इसकी सूचना पुलिस महानिदेशक के माध्यम से शासन को भेजना सुनिश्चित करें।
तृप्ति भट्ट बनीं अपर सचिव गृह एवं कारागार
आइपीएस तृप्ति भट्ट को गृह एवं कारागार विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें पुलिस अधीक्षक फायर सर्विस का भी पदभार दिया गया है। प्रशासनिक दायित्व के साथ फायर सर्विस जैसी महत्वपूर्ण इकाई का जिम्मा मिलना उनके अनुभव को देखते हुए अहम माना जा रहा है।
मुख्यालय और फायर सर्विस में बदले जिम्मे
पुलिस महानिरीक्षक विम्मी सचदेवा से पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय का पदभार वापस लिया गया है, जबकि उनके शेष पदभार यथावत रहेंगे। इसी तरह पुलिस महानिरीक्षक नीरू गर्ग से पीएसी और एटीसी की जिम्मेदारी वापस लेकर फायर सर्विस का जिम्मा दिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार मीणा से भी पीएसी का पदभार वापस लिया गया है।
सीआईडी, जीआरपी और एसडीआरएफ में फेरबदल
पुलिस महानिरीक्षक अरुण मोहन जोशी से एसडीआरएफ का जिम्मा वापस लेकर सीआईडी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कृष्ण कुमार वीके से सीआईडी का पदभार वापस लिया गया। पुलिस महानिरीक्षक मुख्तार मोहसिन से फायर सर्विस की जिम्मेदारी वापस लेकर जीआरपी का पदभार सौंपा गया है। पुलिस उप महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती से फायर सर्विस का जिम्मा वापस लेकर एसडीआरएफ की जिम्मेदारी दी गई।
पीएसी, आईआरबी और कारागार की जिम्मेदारियां
पुलिस महानिरीक्षक करन सिंह नगन्याल को कारागार की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे को पीएसी का अतिरिक्त पदभार सौंपा गया, जबकि योगेंद्र सिंह रावत को मुख्यालय का जिम्मा दिया गया है। पीएसी 31वीं वाहिनी के सेनानायक यशवंत सिंह को आईआरबी प्रथम का भी पदभार मिला है।
हल्द्वानी से हटाकर हरिद्वार भेजी पोस्टिंग
पुलिस अधीक्षक हरीश वर्मा को हल्द्वानी से हटाकर सेनानायक, 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सेनानायक रामचंद्र राजगुरू से आईआरबी प्रथम की जिम्मेदारी वापस लेते हुए पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय का पदभार दिया गया है, ताकि मुख्यालय में समन्वय बेहतर हो सके।
प्रशासनिक मामलों में आएंगे बदलाव
इन तबादलों को गृह विभाग में प्रशासनिक कामकाज तेज करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। कई अधिकारियों से एक साथ कई जिम्मेदारियां वापस लेकर नए सिरे से बांटी गई हैं। फायर सर्विस, कारागार और एसडीआरएफ जैसी इकाइयों में बदलाव से आपदा और आपातकालीन प्रबंधन पर सीधा असर पड़ेगा।
अधिकारियों को जल्दी कार्यभार संभालने के निर्देश
पदस्थापना आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी बिना देरी कार्यभार ग्रहण करेंगे। कार्यभार प्रमाणक की प्रति पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराई जानी है। देर से कार्यभार संभालने की स्थिति में विभागीय स्तर पर जवाब मांगे जाने की परंपरा रही है।
अधिकारियों की नई तैनाती के बाद गृह विभाग की कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर समन्वय बढ़ाने, फील्ड यूनिटों की निगरानी और कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण पर नए सिरे से काम होगा। वरिष्ठ अधिकारियों का अनुभव राज्य में आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को गति देगा।