अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही उत्तराखंड में ठंड महसूस होने लगी है। अमर उजाला, एबीपी लाइव और नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ऊपरी पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और मंगलवार को भी बर्फबारी तथा बारिश का दौर जारी रहा।
चार हजार मीटर से ऊपर बर्फबारी के आसार
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सात अक्टूबर को चार हजार मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के पूरे आसार हैं। इसके साथ ही राज्य के सभी तेरह जिलों के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार मौसम का यह बदला मिजाज अगले दो-तीन दिन तक बना रहेगा।
तीन जिलों में भूस्खलन का अलर्ट
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने सात अक्टूबर को टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भूस्खलन का खतरा बताया है। इन जिलों में लोगों के लिए चेतावनी भी जारी कर दी गई है। लगातार बारिश से ढलानों की मिट्टी ढीली पड़ रही है, जिसके चलते संवेदनशील इलाकों में मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
येलो अलर्ट वाले जिले
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने और तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है। ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फ गिरने का सिलसिला भी जारी है।
देहरादून में तापमान सामान्य से नीचे
देहरादून में सात अक्टूबर को अधिकतम तापमान सत्ताईस दशमलव चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब तीन डिग्री कम है। शहर में करीब नौ मिलीमीटर बारिश भी रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार ऊपरी पहाड़ियों में बर्फबारी का असर मैदानी शहरों के तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
पहली बर्फबारी और ठंडी हवाएं
सोमवार को केदारनाथ धाम और उसके ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी हो चुकी है। ऊपरी इलाकों से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण मैदानी जिलों में भी लोगों ने अक्टूबर में ही सर्दी महसूस की। पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग और निर्माण कार्य पर स्थानीय प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है।
पर्यटन और आवाजाही पर असर
बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। सड़कों पर फिसलन और मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने पर्यटकों से कहा है कि वे यात्रा से पहले सड़कों की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
आठ अक्टूबर के बाद मौसम शुष्क होने के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक आठ अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का दौर चल सकता है। इसके बाद मौसम के शुष्क होने और बारिश से राहत मिलने के आसार हैं। हालांकि तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और ऊंचाई वाले इलाकों में रातें ठंडी रहेंगी।
किसानों के लिए जरूरी सतर्कता
विभाग ने किसानों और बागवानों को सलाह दी है कि वे बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के इंतजाम कर लें। जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां बागवानों को अपने बागों का निरीक्षण करने और प्रभावित पौधों की देखभाल करने की सलाह दी गई है।