उत्तराखंड में कई दिनों से चल रहे शुष्क मौसम के बीच कुमाऊं के चार जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक मौसम वैज्ञानिकों ने मंगलवार को बागेश्वर, चंपावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही नैनीताल में इस साल बर्फबारी को लेकर वैज्ञानिकों ने बड़ा अनुमान जताया है।
कुमाऊं के इन जिलों में बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बागेश्वर, चंपावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इन जिलों में आंशिक रूप से बादल भी छाए रह सकते हैं। प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।
देहरादून में छाए बादल, दिन में गर्मी
राजधानी देहरादून में मंगलवार सुबह बादल छाए हुए हैं। पिछले कई दिनों से पर्वतीय और मैदानी दोनों हिस्सों का मौसम शुष्क बना हुआ है। इस वजह से देहरादून जैसे मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है और दिन के समय लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है।
शुष्क मौसम से बढ़ा तापमान
सोमवार को राज्य के पहाड़ी जिलों में आंशिक बादलों के साथ ठंडी हवाएं चली। इससे लोगों को सर्दी का एहसास होने लगा। वहीं देहरादून समेत मैदानी जिलों में धूप खिली रही और दिन में चिलचिलाती गर्मी बनी रही। सुबह और शाम के समय गुलाबी ठंड महसूस की जा रही है।
ला नीना का असर और ठंड का अनुमान
नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान यानी एरीज के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि ला नीना के प्रभाव से गर्मियों में तापमान बढ़ा था। अब इसी प्रभाव से सर्दियों में ठंड अपने चरम पर रह सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में नैनीताल में बर्फ देखने को नहीं मिली थी, लेकिन इस बार बर्फबारी हो सकती है।
नैनीताल में कब पड़ेगी बर्फ
भारतीय मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर के आखिर तक तापमान में तेजी से गिरावट शुरू हो जाएगी। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दिसंबर की शुरुआत या अंतिम सप्ताह में नैनीताल की ऊंची पहाड़ियों पर पहली बर्फ गिर सकती है।
शहर और आसपास की पहाड़ियों पर असर
अनुमान के मुताबिक जनवरी के पहले हफ्ते में नैनीताल शहर और उसके आसपास के इलाकों में भी हिमपात की स्थिति बन सकती है। इस दौरान पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। यह बर्फबारी आम लोगों के साथ-साथ पर्यटन कारोबार के लिए भी अहम मानी जा रही है।
पर्यटन पर पड़ेगा सीधा असर
बर्फबारी की खबर से नैनीताल और आसपास के हिल स्टेशनों में सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। बर्फ देखने के लिए देशभर से पर्यटक पहुंचते हैं। इससे होटल, टैक्सी और स्थानीय कारोबारियों को फायदा मिलता है।
पाला और फसलों पर असर
पहाड़ी इलाकों में रात के समय पाला पड़ने से सब्जियों और फलों की फसल पर असर पड़ता है। बागवानी से जुड़े किसानों को फसल बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ते हैं। कड़ाके की ठंड में पशुओं के लिए भी बचाव के प्रबंध जरूरी हो जाते हैं।
सावधानी और तैयारी की सलाह
विभाग की ओर से आम लोगों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को मौसम की जानकारी लेकर और सुरक्षित रास्तों से यात्रा करने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी सर्दी के मौसम में बचाव के इंतजाम समय रहते पूरे कर रहा है।