उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने एक मजबूत कम दबाव वाले क्षेत्र तथा चक्रवाती हवाओं के कारण राज्य में मानसून की गतिविधियां अपने शिखर पर हैं। इस मौसमी सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के टकराने से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है।
सात जिलों के लिए 24 घंटे का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है और प्रशासन तथा लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अत्यंत तीव्र वेग से बारिश होने तथा आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
उत्तरकाशी में नालूपानी के पास भूस्खलन
उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नालूपानी के समीप भूस्खलन होने से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर संबंधित विभागों की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना की गईं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र में भूधंसाव
नैनीताल में लगातार आठ घंटे तक हुई भारी बारिश के बाद सात नंबर क्षेत्र, आल्मा कॉटेज और जिला पंचायत रोड पर भूधंसाव से हालात चिंताजनक हो गए हैं। पिछले साल से ही यहां सड़क और पहाड़ी में दरारें पड़ रही थीं, लेकिन स्थायी सुरक्षा कार्य न होने से इस मानसून में हालात और बिगड़ गए। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से मलबा नीचे नाले में जा गिरा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत है।
दहशत में पांच और सात परिवार
जानकारी के अनुसार सड़क के ऊपर बने पांच और नीचे स्थित सात परिवारों के मकान खतरे की जद में हैं। हालात का जायजा लेने एसडीएम नवाजिश खालिक ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
प्रभावित सड़क पर रोकी वाहनों की आवाजाही
एसडीएम ने विभागों को तत्काल बचाव कार्य शुरू करने, प्रभावित सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोकने और जोखिम वाले भवनों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल-कैंची धाम मार्ग पर भी जगह-जगह भूस्खलन जैसी समस्या देखने को मिल रही है।
पौड़ी में 35 से ज्यादा सड़कें बंद
पौड़ी जिले में देर रात से लगातार हो रही भारी बारिश का असर जनजीवन पर पड़ने लगा है। जिले में भूस्खलन और मलबा आने के कारण 35 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। संबंधित विभागों की ओर से सभी बंद मार्गों को शीघ्र खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग परिसर में भी एक पेड़ गिरने से हड़कंप मच गया।
एहतियात बरतने की सलाह
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न ठहरने की सलाह दी है। भूस्खलन संभावित ढलानों के आसपास रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।