मानसून की दस्तक के साथ उत्तराखंड के ऊपरी हिमालयी इलाकों में तबाही की सूचनाएं आने लगी हैं। रविवार रात से जारी मूसलाधार बारिश का असर चमोली और रुद्रप्रयाग दोनों जिलों में गंभीर रूप में देखने को मिल रहा है। चमोली में सड़क पर दरारें पड़ने से एक गांव को खाली कराया गया, जबकि रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है।
कोटेडा में सड़क पर दरारें, 50 परिवार शिफ्ट
चमोली के ग्राम पंचायत कोटेडा क्षेत्र में स्थिति गंभीर बनी हुई है। मल्ला कोटेडा, तल्ला कोटेडा और नथिया सिमार क्षेत्र के लगभग 40 से 50 परिवारों को सड़क धंसने और भूस्खलन की आशंका के बीच आंगनबाड़ी और जूनियर स्कूल में शिफ्ट किया गया है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति के परिवारों को भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताना पड़ रहा है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानु ने प्रभावित क्षेत्र का संज्ञान लेते हुए प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, तथा राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जानी चाहिए। ग्रामीणों ने भी सड़क की मरम्मत कराने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी है।
चमोली में 27 में से 23 रास्ते बंद
जिले में लगातार बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों में 27 सड़क मार्ग बंद थे, जिनमें से अभी तक केवल चार को खोला जा सका है और 23 अभी भी बाधित हैं। नंदा नगर घाट क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क बार-बार बाधित हो रही है। बिरही-निजमुला मोटर मार्ग भी काली पहाड़ी के पास बाधित है, जिसे खोलने का काम जारी है।
अलकनंदा वार्निंग लेवल के करीब, शिव प्रतिमा जलमग्न
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा तेज बहाव के साथ वार्निंग लेवल के करीब पहुंच गई है। नदी तट से करीब 20 से 25 मीटर दूर स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा पूरी तरह जलमग्न हो गई है। नदी अपने सामान्य बहाव क्षेत्र से कई मीटर बाहर फैल चुकी है। बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है और बेलनी क्षेत्र भी खतरे की जद में है।
नदी किनारे जाने पर रोक
नदी किनारे स्थित सभी घाट पानी में समा चुके हैं और घाटों तक जाने वाले संपर्क मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने एहतियातन नदी किनारे जाने पर रोक लगा दी है। पुलिस तथा संबंधित विभागों की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
त्रियुगीनारायण मार्ग ध्वस्त, पैदल पहुंचे दूल्हा-दुल्हन
भारी बारिश से त्रियुगीनारायण मंदिर का संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गया, जिसके कारण विजयनगर-तैला मोटरमार्ग भी बंद है। बारिश और भूस्खलन ने शहनाई की धुन तक बिगाड़ दी। मार्ग बंद होने के कारण दूल्हा-दुल्हन और बारातियों को करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर त्रियुगीनारायण पहुंचना पड़ा।
सतर्कता की अपील
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने स्थानीय नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग रात के समय नदी के जलस्तर पर नजर बनाए रखें, अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाएं और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन तथा आपदा नियंत्रण कक्ष को दें।