त्योहारी सीजन से पहले उत्तराखंड के बड़े शहरों की हवा लगातार खराब होती जा रही है। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर में वायु गुणवत्ता पांच दिनों के भीतर खतरनाक स्तर तक गिर गई है। इसे देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सत्रह प्रमुख स्थानों पर ड्रोन के जरिए पानी का छिड़काव किया।
पांच दिनों में गिरी हवा की गुणवत्ता
मौसम शुष्क बने रहने और धूल उड़ने के कारण शहरों की हवा में प्रदूषक कण तेजी से बढ़े हैं। देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। इसके अलावा हरिद्वार और रुद्रपुर में भी वायु गुणवत्ता में बदलाव दर्ज किया गया है।
पीसीबी ने कहां-कहां चलाए ड्रोन
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने तीन प्रमुख शहरों के सत्रह स्थानों पर ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया। ड्रोन से बड़े क्षेत्र में एक समान पानी का छिड़काव किया गया। अधिकारियों के मुताबिक इससे हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण बैठ जाते हैं और वायु गुणवत्ता सुधरती है।
पारंपरिक तरीकों से अलग है यह तकनीक
ड्रोन से छिड़काव की यह पहल पारंपरिक तरीकों से अलग है। पहले पानी का छिड़काव टैंकरों और पाइपों से किया जाता था, जिसमें समय और पानी दोनों ज्यादा लगते थे। ड्रोन के जरिए ऊंची इमारतों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी आसानी से छिड़काव संभव हो पाता है।
दिवाली पर बढ़ेगी प्रबंधन की चुनौती
त्योहारों के दौरान आतिशबाजी और बढ़ते वाहनों के चलन से प्रदूषण आमतौर पर बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन अभी से एहतियात बरत रहा है। मकसद यह है कि त्योहार के दिनों में लोगों को साफ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
पश्चिमी विक्षोभ हो रहा सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से हिमालयी क्षेत्र में ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते पहाड़ी इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पहाड़ों में पाला, मैदान में गर्मी
फिलहाल पहाड़ी जिलों में ठंडी हवाएं चल रही हैं और रात के समय पाला पड़ रहा है। मैदानी जिलों में दिन के समय अक्टूबर में भी गर्मी महसूस हो रही है। सुबह और शाम के वक्त हल्की ठिठुरन बनी हुई है।
दिन और रात के तापमान में अंतर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मौसम शुष्क रहने से तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है। राजधानी देहरादून में दिन और रात के तापमान में साफ अंतर देखा जा रहा है। इस बदलाव के चलते लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। शुष्क मौसम में धूल के कण हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता जाता है।
सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से विशेष बचाव की जरूरत है। प्रदूषण वाले इलाकों में मास्क का इस्तेमाल भी फायदेमंद रहेगा। बोर्ड की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त छिड़काव किया जाएगा।