मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आठ अप्रैल तक का मौसम अलर्ट जारी कर दिया है। अलर्ट के अनुसार तीन से आठ अप्रैल तक राज्य में बारिश का दौर चलेगा। कुछ दिन चुनिंदा जिलों में बारिश होगी तो कुछ दिन पूरे प्रदेश में बादल बरसेंगे। चार अप्रैल को पूरे प्रदेश में बारिश होने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है।
तीन अप्रैल को 12 जिलों में बारिश
तीन अप्रैल को राज्य के तेरह में से बारह जिलों में बारिश का अनुमान है। देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी। हरिद्वार में भी हल्की बारिश हो सकती है। राज्य के शेष पर्वतीय जिलों में भी बादल बरस सकते हैं।
दो अप्रैल को भी बरसेंगे बादल
दो अप्रैल को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इन्हीं पर्वतीय जिलों में 3500 मीटर से ऊपर बर्फबारी होगी। राज्य के अन्य जनपदों में मौसम शुष्क बना रहेगा। तीन अप्रैल को देहरादून में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
चार अप्रैल को पूरे प्रदेश में बारिश
चार अप्रैल को पूरे प्रदेश में बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इस दिन पहाड़ से लेकर मैदान तक बादल बरस सकते हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर तेज रहेगा। बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
सात अप्रैल तक यही रहेगा पैटर्न
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सात अप्रैल तक मौसम का यही पैटर्न बना रहेगा। कुछ पर्वतीय जिलों को छोड़कर बाकी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा। बीच-बीच में बादल छाने और हल्की बारिश की स्थिति बनी रहेगी। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर जारी रहेगा।
मैदानी इलाकों में उमस से बेहाल
मैदानी जिलों में इन दिनों गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। दिन में तेज धूप के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। शाम को बादल छाने से उमस और बढ़ जाती है। दिन में गर्मी और रात में ठंड का मिला-जुला असर जारी है।
नदियों और नालों का जलस्तर
लगातार बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। छोटी नदियों में उफान आने की संभावना रहती है। नदियों के किनारे बसे इलाकों में सतर्कता जरूरी है। प्रशासन ने नदियों और नालों के पास न जाने की सलाह दी है।
बर्फबारी से बढ़ेगी पर्यटन की चहल-पहल
ऊंचाई वाले इलाकों में ताजी बर्फबारी से पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। पर्यटक बर्फ के दीदार के लिए ऊपरी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। बर्फबारी से इन इलाकों में ठंड भी तेज हुई है। स्थानीय लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ रही है।
फसलों पर पड़ेगा असर
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से फ्लोरिंग प्रभावित हो सकती है। किसानों को फसलों की निगरानी रखने की सलाह दी गई है। नुकसान होने पर प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई है।
प्रशासन अलर्ट पर
मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सभी जिलों को अलर्ट किया है। आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है। लोगों से मौसम का पूर्वानुमान देखकर यात्रा करने की अपील की गई है।