राजधानी देहरादून में छात्र दिव्यांशु जटराना की हत्या का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। तीन अप्रैल को आशारोड़ी चेक पोस्ट पर किसान संगठनों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में हजारों किसान देहरादून पहुंचे। किसानों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय की मांग की।
आशारोड़ी चेक पोस्ट पर शोक सभा
देहरादून के आशारोड़ी चेक पोस्ट पर शोक सभा का आयोजन किया गया। सुबह से ही किसानों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी की। दिव्यांशु को श्रद्धांजलि देने के लिए यह आयोजन किया गया था।
शोक सभा बदली विरोध प्रदर्शन में
बाद में शोक सभा देखते ही देखते बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तराई इलाकों से हजारों किसान पहुंचे। किसानों ने हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी पर जोर दिया। प्रदर्शन के कारण आसपास के मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
कई जिलों से पहुंचे किसान
आंदोलन में उत्तराखंड के तराई क्षेत्रों के साथ पश्चिमी यूपी के किसान शामिल हुए। भारतीय किसान यूनियन समेत कई किसान संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। किसानों ने सामूहिक रूप से अपनी एकजुटता जाहिर की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया।
टिकैत ने दिया लंबे आंदोलन का संकेत
राकेश टिकैत ने वीडियो जारी कर किसानों से एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन दिव्यांशु को न्याय दिलाने के लिए है। किसानों से खाने-पीने की व्यवस्था साथ लाने को कहा गया। उन्होंने संकेत दिया कि धरना लंबा चल सकता है।
देहरादून की घटना
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में 23 मार्च को छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प हुई थी। इस झड़प में दिव्यांशु जटराना की मौत हो गई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश बना हुआ है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस पर लगे आरोप
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर सुस्त कार्रवाई का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि आरोपियों को अभी तक पकड़ा नहीं गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस ने किसानों के आरोपों को खारिज किया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए चेक पोस्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। यातायात को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
किसानों की मांगें
किसानों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और सुरक्षा की मांग की। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया गया। पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग देने की बात कही गई। किसानों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की।
आगे की रणनीति
किसान संगठनों ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। संगठनों ने अगले दिनों की रणनीति पर मंथन किया। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही। प्रशासन ने मामले में समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया है।