ऊधम सिंह नगर के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह के फेसबुक लाइव पर आत्महत्या करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। घटना को लेकर सियासत भी गरमा गई है और मामले की पुलिस स्तर पर भी जांच चल रही है।
लाइव वीडियो में लगाए थे आरोप
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक मरने से पहले सुखवंत सिंह ने लाइव वीडियो जारी कर कुछ लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा में आ गया।
चार करोड़ की ठगी का आरोप
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार किसान ने करीब चार करोड़ रुपये की ठगी और पुलिस से परेशान होकर नैनीताल में खुद को गोली मार ली थी। वह अपनी पत्नी और 12 वर्षीय बेटे के साथ घूमने काठगोदाम थाना क्षेत्र के गौलापार स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। शनिवार देर रात उन्होंने यह कदम उठाया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना का विवरण
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस के अनुसार होटल के कमरे में पहले पत्नी और बेटे ने उन्हें रोकने की कोशिश की, फिर दोनों मदद मांगने रिसेप्शन चले गए। इसके कुछ ही देर बाद कमरे में अकेले रह गए सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज के बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई और काठगोदाम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कमरे से हथियार बरामद किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
26 आरोपियों पर मुकदमा, दो दरोगा निलंबित
भास्कर के अनुसार मृतक के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 26 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था, जबकि चौकी पैगा पर तैनात संपूर्ण पुलिस टीम को लाइन हाजिर किया गया है।
आईजी कुमाऊं को सौंपी गई जांच
पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी मामला गंभीरता से लिया गया। भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड के एडीजी (कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन की ओर से कुमाऊं रेंज के आईजी रिद्धिम अग्रवाल को पूरे मामले की गहराई से जांच कर पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। हल्द्वानी एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मृतक की पत्नी से मुलाकात की।
सीएम का निर्देश: निष्पक्ष और पारदर्शी जांच
मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि दुखद घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत काम पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। सीएम ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से भी पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सियासत गरमाई, गांव में शोक
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार घटना के बाद सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार के कुशासन का नतीजा बताया है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। भास्कर के मुताबिक पार्थिव शरीर के घर पहुंचने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है।