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हरिद्वार

हरिद्वार: स्नेक वेनम सेंटर पर छापा, 86 सांप बरामद

हरिद्वार जिले के रुड़की में अवैध स्नेक वेनम सेंटर पर वन विभाग का छापा, 70 कोबरा समेत 86 जहरीले सांप बरामद। जहर तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी।

हरिद्वार। जिले के रुड़की क्षेत्र में जंगल के बीच चल रहे एक अवैध स्नेक वेनम सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। वन विभाग की टीम ने यहां छापेमारी कर 86 जहरीले सांप बरामद किए, जिनमें 70 कोबरा और 16 रसल वाइपर शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक आरोप है कि इस सेंटर से सांपों से अवैध तरीके से जहर निकाला जाता था और उसे बेचा जाता था। बड़ी संख्या में जहरीले सांपों की बरामदगी ने मामले को पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक वन विभाग को यहां जहर के अवैध कारोबार की पहले से जानकारी थी, जिसके बाद छापेमारी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर से भी रिपोर्ट तलब की गई है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि निकाला गया जहर किन-किन जगहों तक सप्लाई होता था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।

देश में सांपों का जहर एंटी-वेनम दवा बनाने जैसे कामों में इस्तेमाल होता है, लेकिन इसके लिए सरकारी नियमों के तहत अनुमति जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ सालों में बिना अनुमति जहर निकालने और उसकी खेप जब्त होने के मामलों में कमी नहीं आई है। इसी वजह से वन विभाग रुड़की सेंटर को बड़े नेटवर्क की कड़ी मानकर छानबीन कर रहा है।

वन्यजीव कानून का दायरा

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कोबरा और रसल वाइपर जैसे सांपों को कैद रखना, उनका व्यापार करना या बिना अनुमति उनसे जहर निकालना दंडनीय अपराध है। वैध वेनम सेंटर चलाने के लिए सरकारी अनुमति और नियमों के अनुसार सांपों की देखभाल जरूरी है। अधिकारियों के मुताबिक सेंटर संचालक के खिलाफ इसी अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी है। इस अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माने और सजा के प्रावधान मौजूद हैं।

जहर का कारोबार करोड़ों में

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में सांप के जहर का अवैध कारोबार करोड़ों रुपये तक पहुंच जाता है। पिछले कुछ समय से अलग-अलग राज्यों से जहर की बड़ी खेप जब्त होने के मामले सामने आते रहे हैं। पिछले साल दिल्ली-एनसीआर में एक यूट्यूबर से जुड़े जहर के इस्तेमाल का मामला बड़ा चर्चित हुआ था, वहीं जून में मुंबई एयरपोर्ट पर थाईलैंड से लाए जा रहे 47 जहरीले सांपों को पकड़ने की खबर भी सुर्खियों में रही थी। यही वजह है कि जांच एजेंसियां इसे सिर्फ स्थानीय मामला नहीं, बल्कि बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ी संभावना के तौर पर देख रही हैं।

वन्यजीवों के लिए खतरा

  • सांपों को बिना उचित देखभाल कैद रखना
  • बार-बार जहर निकालने से सांपों की सेहत पर असर, यहां तक मौत तक
  • जहर की तस्करी, जो अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ सकती है
  • वन्यजीवों के अंगों और उत्पादों का अवैध कारोबार
  • अवैध सेंटरों से आस-पास के इलाकों में जहरीले सांपों का खतरा

बरामदगी के बाद कार्रवाई

वन विभाग के मुताबिक बरामद सांपों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। विशेषज्ञों की निगरानी में उन्हें उपयुक्त प्राकृतिक स्थान पर छोड़ा जाएगा। बताया जा रहा है कि सांपों को ऐसी जगह छोड़ा जाएगा जहां उनकी प्रजाति के लिए मौसम और भोजन उपयुक्त हो और उनके जीवित रहने की पूरी संभावना हो। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी, ताकि वन्यजीवों के नाम पर चल रहे ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लग सके।