लंबे इंतजार के बाद मानसून ने उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में प्रवेश कर गया। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा प्रदेश के कई हिस्सों से गुजर रही है। अगले दो से तीन दिनों में यह शेष क्षेत्रों में भी पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। मानसून की बारिश से भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
चार दिन भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने आज से अगले चार दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में बेहद भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है। वर्तमान मौसम प्रणाली के तहत पंजाब से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक नमी पहुंच रही है। इससे पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश का दौर शुरू हो सकता है। विभाग ने भूस्खलन, बाढ़ और नदियों के जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं को लेकर भी आगाह किया है।
48 घंटे के लिए हाई अलर्ट
प्रशासन ने मानसून को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अगले अड़तालीस घंटों के भीतर भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए विभागों की तैयारी तेज कर दी गई है। गढ़वाल आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं।
2 जुलाई को होगी मॉक ड्रिल
मानसून से निपटने की तैयारियों की परख के लिए दो जुलाई को मॉक ड्रिल कराई जाएगी। गढ़वाल आयुक्त ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां शामिल होंगी। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।
तीन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। पौड़ी समेत तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। पहाड़ी इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मैदानी क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं।
देहरादून में भर गईं सड़कें
इससे पहले सोमवार को देहरादून में कुछ देर तेज बारिश हुई। इससे कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। रायपुर रोड, सहस्रधारा क्रॉसिंग, चूना भट्ठा, जूनानगर, नगर निगम परिसर के आसपास और कॉन्वेंट रोड समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण यातायात भी धीमा रहा।
किसानों के लिए राहत
मानसून की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खरीफ की बुवाई के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है। धान की रोपाई और अन्य फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है। कृषि विभाग ने किसानों को समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी।
लोगों के लिए सावधानी जरूरी
प्रशासन ने लोगों से मौसम के अपडेट लगातार देखते रहने की अपील की है। भूस्खलन और मलबा गिरने वाले इलाकों में सफर से बचें। नदी-नालों के पास न जाएं और पहाड़ी रास्तों पर विशेष सतर्कता बरतें। आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सूचना दें।