उत्तराखंड पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी बम धमकी का मामला सुलझ गया है। सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल धमकी वाली पोस्ट करने में किया गया था।
सोशल मीडिया पर दी थी धमकी
पुलिस के अनुसार धमकी इंस्टाग्राम आईडी से एक्स के लिंक तथा फेसबुक पेज के माध्यम से फैलाई गई थी। आरोपी ने पच्चीस जून को उत्तराखंड के सभी थानों में बम विस्फोट की धमकी पोस्ट की थी। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई।
तकनीकी सर्विलांस से हुई पहचान
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम बनाई गई। टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, डिजिटल फुटप्रिंट, तकनीकी सर्विलांस और साइबर विश्लेषण के जरिए छानबीन की। इसके बाद आरोपी की लोकेशन ट्रेस करते हुए अट्ठाईस जून को गिरफ्तार कर लिया गया। कोतवाली नगर क्षेत्र की भूसा स्टोर वाली गली से उसे दबोचा गया।
यह दर्ज हुआ मुकदमा
इस संबंध में कोतवाली नगर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा बीएनएस की धारा 351 और 353 तथा आईटी एक्ट की धारा 66एफ के तहत दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी जसप्रीत सिंह हरियाणा के अंबाला जिले का रहने वाला है। उसकी उम्र छब्बीस वर्ष है। पुलिस अन्य डिजिटल सबूतों की भी विधिक जांच करा रही है।
कर्णप्रयाग विवाद से था नाराज
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कुछ दिन पहले चमोली के कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय युवकों और निहंग सिखों के बीच हुए विवाद से आक्रोशित था। इस घटना से जुड़ी सोशल मीडिया रील देखने के बाद उसने लोगों में दहशत फैलाने और पुलिस को चुनौती देने के इरादे से धमकी वाली पोस्ट की। पुलिस ने इस बात की भी जांच की है कि पोस्ट के पीछे कोई और साजिश तो नहीं थी।
हरिद्वार में भी मिली थी धमकी
इससे पहले हरिद्वार नगर निगम को भी धमकी भरा ईमेल मिला था। ईमेल में हरिद्वार, ऋषिकेश, केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित कई संवेदनशील स्थलों पर बम धमाके की धमकी दी गई थी। ईमेल में केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री का नाम लेकर भी धमकी भरे संदेश लिखे गए थे। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई थी।
सुरक्षा बढ़ाई गई
धमकी को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। हरिद्वार पुलिस, खुफिया इकाइयों और साइबर विशेषज्ञों की टीमों ने जांच शुरू की थी। ईमेल की उत्पत्ति और आईपी एड्रेस का पता लगाया जा रहा था। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई तथा वाहनों की सघन जांच की गई। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी गई।
पुलिस की अपील
देहरादून पुलिस ने आम जनता से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार भ्रामक, धमकीपूर्ण या आतंक फैलाने वाली पोस्ट करना गंभीर और दंडनीय अपराध है। ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए।