रविवार, 11 अक्टूबर 2026 देहरादून, उत्तराखंड
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देहरादून

पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का देहरादून में निधन हो गया। सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया, हरिद्वार में अंतिम संस्कार होगा।

उत्तराखंड की राजनीति के सख्त, ईमानदार और अनुशासित चेहरों में शुमार पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूड़ी ने देहरादून के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से राज्य की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है और इसे एक युग का अंत माना जा रहा है।

तीन दिन का राजकीय शोक

सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। साथ ही बुधवार को सभी सरकारी कार्यालय बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। पार्थिव शरीर देहरादून स्थित उनके निवास पर लाया गया।

हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार

बुधवार को हरिद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी श्रद्धांजलि देने की तैयारी की है।

सेना से राजनीति तक का सफर

एक अक्टूबर 1934 को देहरादून में जन्मे खंडूड़ी ने भारतीय सेना के इंजीनियरिंग कोर में लंबी सेवा दी। अपनी कार्यकुशलता और सेवाभाव के लिए उन्हें 1982 में ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया। मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

गढ़वाल से कई बार पहुंचे संसद

खंडूड़ी 1991 में पहली बार गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद वह कई बार संसद पहुंचे। भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख पहाड़ी नेताओं में उनकी अलग पहचान बनी।

केंद्र में संभाली सड़क परिवहन की जिम्मेदारी

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उन्हें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। उनके कार्यकाल को देश में सड़क विकास और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को गति देने के लिए याद किया जाता है। दूरस्थ गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने में उनकी प्रशासनिक सख्ती और दूरदृष्टि की चर्चा होती रही।

मुख्यमंत्री रहे खंडूड़ी

खंडूड़ी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी राज्य की सेवा की। उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों को आज भी याद किया जाता है। सादगी और अनुशासन के लिए उनकी छवि हमेशा मजबूत रही।

शोक की लहर

निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विपक्षी नेताओं ने गहरा दुख जताया। कई नेताओं ने उन्हें पहाड़ का सच्चा सेवक बताया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।

प्रशासनिक तैयारियां

अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के इंतजाम किए हैं। श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के लिए भी तैयारी चल रही है। प्रशासन ने लोगों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

मैदानों में हीटवेव का अलर्ट

इस बीच मौसम विभाग ने मैदानी जिलों में प्रचंड गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल में पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। लोगों को दोपहर में धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।

एसईओसी ने जारी की एडवाइजरी

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से होने वाली बीमारियों के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।