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कृषि

बेमौसम बारिश से किसान चिंतित, नैनीताल में अप्रैल में लौटा जाड़ा

अप्रैल के पहले सप्ताह की बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से गेहूं, लीची और आम की फसल प्रभावित हुई है। नैनीताल में न्यूनतम तापमान छह डिग्री तक गिरा, लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए।

उत्तराखंड में अप्रैल के पहले सप्ताह की बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम के इस बदले मिजाज का असर रबी फसलों और बागवानी दोनों पर पड़ रहा है। दून घाटी में तापमान गिरने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है। इस बीच नैनीताल में अप्रैल में ही जाड़ा लौट आया है।

रबी फसलों पर असर

प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है। कई स्थानों पर कटाई का कार्य चल रहा है। तेज हवाओं और बारिश से फसल के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

ओलावृष्टि से दानों को नुकसान

ओले गिरने से गेहूं के दानों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई इलाकों में ओलावृष्टि से खेतों में फसल बिछ गई है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू किया है।

लीची और आम की फसल प्रभावित

देहरादून की पहचान लीची इस समय फल बनने की अवस्था में है। बारिश और तेज हवाओं से फूल और छोटे फल झड़ने लगे हैं। आम के पेड़ों में बौर आने का समय है। प्रतिकूल मौसम से परागण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

नैनीताल में लौटा जाड़ा

नैनीताल में इस बार अप्रैल का मौसम लोगों को चौंका रहा है। शहर का न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अधिकतम तापमान भी करीब तेरह डिग्री रहा। लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।

बादलों ने छीनी धूप

नैनीताल में सुबह से ही हल्की बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है। दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबादी जारी रहती है। घने बादलों के कारण धूप दिखाई नहीं दे रही। ठंडी हवाओं ने मौसम को और ठंडा बना दिया है।

पहाड़ों में हिमपात

पहाड़ी इलाकों में हिमपात और दून घाटी में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर तेज है। स्थानीय लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। पर्यटक भी ठंड का एहसास कर रहे हैं।

बागवानों को चिंता

बागवानी फसलों की बहार के समय यह मौसम नुकसानदेह साबित हो रहा है। सेब और अन्य फलों की फ्लोरिंग प्रभावित हो सकती है। बागवानों को फलदार पौधों की निगरानी रखनी चाहिए। विशेषज्ञों ने बागानों में जल निकासी की सलाह दी है।

किसानों को सलाह

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखने की सलाह दी है। कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है। फसल बीमा के तहत दावा करने की प्रक्रिया समझाई गई है। नुकसान होने पर प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई है।

प्रशासन ने लिया संज्ञान

प्रशासन ने फसल नुकसान का संज्ञान लिया है। सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों ने किसानों को जल्द राहत देने का भरोसा दिया है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। राज्य के अधिकतर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा।