देहरादून। उत्तराखंड में हफ्तों से जारी शुष्क मौसम और कोरी ठंड का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान के मुताबिक 22 जनवरी से प्रदेश का मौसम करवट लेगा और पर्वतीय इलाकों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होगी। 23 से 25 जनवरी के बीच मौसमी हलचल सबसे तेज रहने का अनुमान है। दैनिक जागरण के अनुसार मौसम विभाग ने 23 जनवरी को भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है, जो इस सीजन में हिमपात की पहली बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।
शुष्क ठंड का लंबा दौर
बीते कई हफ्तों से प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला पूरी तरह ठप पड़ा है। चटख धूप खिलने से दिन के तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है और दोपहर में हल्की गर्माहट महसूस हो रही है। वहीं सुबह और शाम के समय ठिठुरन बरकरार है। ऊंचाई वाले इलाकों में इस बार जनवरी के तीसरे हफ्ते तक बर्फ की सफेद चादर नहीं देखने को मिली, जबकि इस वक्त वहां बर्फबारी होनी चाहिए थी।
22 जनवरी से मौसम करवट लेगा
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 22 से 27 जनवरी तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश और 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। न्यूज़18 के अनुसार शुरुआत हल्की बारिश और चोटियों पर हिमपात से होगी, जो धीरे-धीरे जोर पकड़ेगी। मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे ठिठुरन और बढ़ सकती है। 23 और 24 जनवरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पांच जिलों में भारी हिमपात का अनुमान
विशेष प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। इन जिलों के 2800 मीटर से ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की प्रबल संभावना है। तीव्र हिमपात से इन पर्वतीय क्षेत्रों में शीत दिवस जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज होगी और जनजीवन प्रभावित होने के आसार हैं।
सड़कें बंद होने का खतरा
भारी बर्फबारी से पर्वतीय जिलों की मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों के बंद होने की आशंका जताई गई है। बर्फबारी से बिजली और पानी की आपूर्ति में भी बाधा आने की चिंता है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में बर्फ जमने और भूस्खलन की भी आशंका है, जिससे आवागमन प्रभावित हो सकता है।
यात्रियों के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से यात्रियों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। लोगों को खाद्य सामग्री और जरूरी दवाओं का स्टॉक पहले से रखने का सुझाव दिया गया है। ऊंचाई वाले मार्गों पर सफर करने वालों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही निकलने की हिदायत दी गई है।
दिन के तापमान में दर्ज वृद्धि
बुधवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहा और सुबह-शाम पाला गिरने से कड़ाके की ठंड पड़ी। बीते रोज देहरादून का अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंतनगर में अधिकतम 24.4 और न्यूनतम 4.6 डिग्री रहा। मुक्तेश्वर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
किसानों और पर्यटकों को उम्मीद
आने वाली बारिश और बर्फबारी से खेती, जल स्रोतों और पर्यटन कारोबार को फायदा पहुंचने का अनुमान है। लंबे समय से हिमपात का इंतजार कर रहे बागवानों और पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे खिल गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक बर्फ की चादर बिछते ही ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का आना तेज हो सकता है और सूखे पहाड़ फिर गुलजार होंगे।