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चमोली

पिथौरागढ़ में सीजन की पहली बर्फबारी: मुनस्यारी-धारचूला की चोटियां हुईं सफेद

पिथौरागढ़ के मुनस्यारी और धारचूला के ऊंचे इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। नंदा देवी, पंचाचूली समेत चोटियां सफेद चादर से ढक गईं और ठिठुरन बढ़ गई।

सीमांत पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बर्फबारी हो ही गई। ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार नंदा देवी, पंचाचूली और छिपला केदार समेत आसपास की चोटियों पर हिमपात हुआ है। हिमपात से मुनस्यारी समेत अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई है। नए साल के आगमन पर बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों समेत मुनस्यारी के लोगों की मुराद पूरी हो गई।

दोपहर बाद बदला मौसम

रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार यानी दो जनवरी को सुबह मौसम सामान्य रहा और आसमान में हल्के बादल छाए थे। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और मुनस्यारी तथा धारचूला के ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फ गिरने लगी। ऊंची चोटियों पर जमा हिम देखकर लोग घरों से बाहर निकल आए और इस नजारे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं।

काली चोटियां फिर चमकीं

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल यानी 2025 के आखिरी चार महीने में बर्फबारी न होने से हिमालय की चोटियां काली नजर आने लगी थीं। पंचाचूली और हंसलिंग की चोटियों से बर्फ पूरी तरह पिघल गई थी, केवल पंचाचूली की मुख्य चोटी पर ही बर्फ बची रह गई थी। इससे पर्यावरणविदों में भी चिंता पैदा हो गई थी। अब नंदा देवी, नंदाकोट, त्रिशूल, हरदेवल, राजरम्भा और पंचाचूली समेत छिपला केदार की चोटियां बर्फबारी के बाद एक बार फिर चमकने लगी हैं।

चमोली की घाटियों में भी बर्फ

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को लंबे इंतजार के बाद साल के पहले दिन चमोली जिले की नीति-मलारी घाटी के साथ ही बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में दोपहर के बाद बर्फबारी हुई थी, जिसके कारण तापमान में भी गिरावट आई है। बर्फबारी के इंतजार में तमाम पर्यटक औली और नीति-मलारी घाटी में डेरा डाले हुए हैं।

सूखे का असर भी दिखा

ईटीवी भारत की रिपोर्ट में बताया गया है कि बर्फबारी न होने से प्रदेश में मौसम लगातार शुष्क बना रहा, जिससे जंगलों में आग लगने की आशंका भी बढ़ जाती है। बारिश न होने से फसलें ठीक से तैयार नहीं हो पा रही थीं और किसान निराश थे। दूसरी ओर बर्फबारी न होने के चलते भालू और तेंदुआ जैसे जंगली जानवर भी लगातार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तक दे रहे थे।

पर्यटकों को मिली खुशी

नए साल का जश्न मनाने यहां आने वाले पर्यटकों को भी बर्फबारी की उम्मीद थी। दो जनवरी को हुई बर्फबारी के बाद लोग काफी खुश नजर आए। काली नजर आ रही चोटियां बर्फबारी के बाद फिर से चमकने लगी हैं और हिमालय की खूबसूरती लौट आई है।

अब और बर्फबारी के आसार

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के पांच पहाड़ी जिलों की 2800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। एक-दो दिनों में अच्छी बर्फबारी होने की उम्मीद जगी है। वहीं मैदानी इलाकों में मध्यम से घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।