नए साल के पहले दिन उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम ने करवट ली और जौनसार-बावर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक चकराता और लोखंडी जैसे इलाकों में पारा लुढ़क गया और दिनभर घने बादल छाए रहे। एबीपी न्यूज के अनुसार मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है।
जौनसार-बावर में तेज गिरा पारा
चकराता और लोखंडी समेत ऊंचाई वाले इलाकों में दिनभर बादल छाए रहने से ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। सुबह के समय आसमान में घने बादलों की मौजूदगी के कारण सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। दिन चढ़ने पर भी सूरज और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा, लेकिन ठंडी हवा के चलते लोगों को ठंड से कोई खास राहत नहीं मिली।
अलाव के सहारे ठंड से बचाव
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए स्थानीय निवासियों और यहां पहुंचे पर्यटकों ने जगह-जगह अलाव तापे। चकराता, छावनी बाजार, पुरोड़ी, कनासर और देववन सहित आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में लोग ठिठुरते नजर आए। बाजार, चौराहों और घरों के बाहर जलाए गए अलावों के आसपास लोग ठंड से राहत पाने की कोशिश करते दिखे।
मौसम बदलने से घटी बाजारों की चहल-पहल
मौसम का मिजाज बदलने के असर से चकराता बाजार में भीड़ कम दिखाई दी। दूसरे राज्यों से यहां पहुंचे पर्यटकों ने ठंड के चलते होटलों से बाहर निकलने से परहेज किया। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि जिस तरह से मौसम का रुख बदला है, उसे देखकर बारिश और बर्फबारी की संभावना बनती नजर आ रही है।
पर्यटकों को बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार
नव वर्ष का जश्न मनाने यहां पहुंचे पर्यटक बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मौसम ऐसा ही बना रहा तो जल्द ही क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की जा सकती है। बर्फ गिरने से पर्यटन कारोबार को भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ हुआ सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से बहुत हल्की बारिश हो सकती है। तीन हजार मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके चलते ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरने की उम्मीद जगी है।
दिसंबर तक सूखा रहा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार अक्तूबर से तीस दिसंबर तक राज्य में सामान्य से करीब चौबीस प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। यही वजह रही कि इस बार सीजन की बर्फबारी में देरी हुई और ऊंची चोटियां अब तक बर्फ से खाली रहीं। कम बारिश से पहाड़ों में नमी की कमी भी महसूस की जा रही है।
कोहरे और शीतलहर का असर
मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार हैं। इस बदलाव का सीधा असर दैनिक जनजीवन पर पड़ेगा।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले इलाकों में सफर करते समय विशेष सतर्कता जरूरी है। बर्फबारी होने पर पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित होने की भी संभावना रहती है।