हरिद्वार जनपद के पिरान कलियर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बनी मजार और मिश्रित अतिक्रमण में बने करीब दो दर्जन अस्थायी टिनशेड बुलडोजर से ध्वस्त कर दिए गए। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की सख्ती के बाद यह कार्रवाई अंजाम दी गई, जबकि ईटीवी भारत के अनुसार कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
डीएम के निर्देश पर चली कार्रवाई
जागरण के मुताबिक हरिद्वार जनपद में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की कई परिसंपत्तियां लंबे समय से अवैध कब्जों में फंसी हुई थीं। बीते सप्ताह डामकोठी स्थित अधिकारियों के साथ बैठक में जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिए थे कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी सख्ती के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
सिंचाई विभाग की जमीन पर था कब्जा
ईटीवी भारत के अनुसार अतिक्रमण की जद में आई यह मजार और आसपास की संरचनाएं उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि पर बनी हुई थीं। विभाग की ओर से पहले ही अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें संबंधित लोगों को निर्धारित समय सीमा में कब्जा हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पहुंची टीम
जागरण और ईटीवी भारत दोनों के मुताबिक बुधवार सुबह को रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पिरान कलियर पहुंची। टीम ने सख्ती दिखाते हुए बुलडोजर चलाकर सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार और अन्य संरचनाओं को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। इस दौरान मौके पर हलचल मची रही।
तहसील प्रशासन की रही मौजूदगी
कार्रवाई में तहसीलदार विकास अवस्थी, नायब तहसीलदार यूसुफ अली और प्रवीण त्यागी, लेखपाल गुल्फशा तथा कलियर थाना प्रभारी रवींद्र कुमार समेत तहसील प्रशासन की पूरी टीम मौजूद रही। ईटीवी भारत के अनुसार भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
स्वास्थ्य केंद्र के आसपास भी हटाया अतिक्रमण
ईटीवी भारत के मुताबिक हरिद्वार प्रशासनिक अधिकारियों ने पिरान कलियर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास फैले अवैध अतिक्रमण को भी हटवाया। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य केंद्र तक आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में लंबे समय से अतिक्रमण के चलते आवागमन प्रभावित हो रहा था।
सरकारी भूमि मुक्त कराने का अभियान
जागरण के अनुसार उत्तराखंड में लंबे समय से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों को प्रशासन की टीम लगातार तोड़ रही है। धामी सरकार ने अवैध निर्माणों और अवैध धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत हरिद्वार जिला प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई की।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन के मुताबिक जनपद में सरकारी संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई निर्णायक चरण में पहुंच गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में आने वाले दिनों में अन्य अतिक्रमित इलाकों में भी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।