इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त कर दिया गया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को स्वीकारते हुए राष्ट्रपति ने मंजूरी दी और गुरुवार को भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई। ईटीवी भारत के मुताबिक मौजूदा मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुहानाथन नरेंद्र ९ जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद न्यायमूर्ति गुप्ता पदभार संभालेंगे।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश
जागरण के मुताबिक पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति गुप्ता की उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्ति की सिफारिश की थी। भारत सरकार ने उस संस्तुति को राष्ट्रपति को भेजी थी, जिसके बाद अधिसूचना जारी हुई। ईटीवी भारत के अनुसार कॉलेजियम ने पिछले महीने उनकी पदोन्नति की सिफारिश की थी।
संविधान के अनुच्छेद २१७ के तहत नियुक्ति
जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद २१७ की धारा (१) के तहत प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। अनुच्छेद २१७ ही उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़ा संवैधानिक प्रावधान है।
जानिए नए मुख्य न्यायाधीश का सफर
जागरण के अनुसार न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का जन्म ९ अक्टूबर १९६४ को हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से १९८७ में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की और छह दिसंबर १९८७ को अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया। वकालत के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से सिविल, संवैधानिक और किराया नियंत्रण से जुड़े जटिल मामलों पर काम किया और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबा कार्यकाल
जागरण के मुताबिक १२ अप्रैल २०१३ को वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश बने, जबकि १० अप्रैल २०१५ को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। २२ नवंबर २०२३ से ४ फरवरी २०२४ तक उन्होंने इलाहाबाद कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाली। दशक से अधिक समय से इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायिक कार्य संभाल रहे गुप्ता का उत्तराखंड में पदभार ग्रहण करना तय माना जा रहा है।
मौजूदा मुख्य न्यायाधीश ९ जनवरी को रिटायर
ईटीवी भारत के मुताबिक उत्तराखंड हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुहानाथन नरेंद्र ६२ साल की आयु पूरी होने पर ९ जनवरी २०२६ को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। उन्होंने २६ दिसंबर २०२४ को उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभाला था और अपने कार्यकाल में ऐसे अहम फैसले सुनाए, जिनकी मिसाल दी जाती है।
संविधान के अनुच्छेद २१७ और नियुक्ति प्रक्रिया
संविधान के अनुच्छेद २१७ के तहत उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। प्रचलित प्रक्रिया के मुताबिक केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर कार्य करती है और मंत्रालय की अधिसूचना जारी होने के बाद ही नियुक्त न्यायाधीश पदभार ग्रहण कर सकता है।
पदभार की तैयारी
अधिसूचना जारी होने के बाद हाईकोर्ट परिसर में नए मुख्य न्यायाधीश के स्वागत और पदभार ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता न्यायमूर्ति जी नरेंद्र की सेवानिवृत्ति के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट का कार्यभार संभालेंगे।
हाईकोर्ट के इतिहास में नया अध्याय
जागरण और ईटीवी भारत दोनों के अनुसार न्यायमूर्ति गुप्ता की नियुक्ति उत्तराखंड हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि कोर्ट के शीर्ष पद पर लंबे समय से न्यायिक कार्य संभाल रहे अनुभवी न्यायाधीश आ रहे हैं। न्यायमूर्ति जी नरेंद्र के कार्यकाल के बाद कोर्ट का संचालन अब न्यायमूर्ति गुप्ता के हाथ में आएगा।