देहरादून। नए साल 2026 की शुरुआत से पहले उत्तराखंड में मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक जनवरी से प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। इसके असर से मैदानी इलाकों में भी ठंड बढ़ेगी और शीतलहर चलने की संभावना है।
कहां-कहां दिखेगा मौसम का असर
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। राज्य के ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में सबसे अधिक असर माना जा रहा है। इसके साथ ही मसूरी, नैनीताल और कौसानी जैसे पर्यटन स्थलों पर भी ठंड तेज होगी।
माइनस 15 डिग्री तक जा सकता है पारा
मौसम विभाग के मुताबिक ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान माइनस 15 डिग्री तक पहुंच सकता है। मसूरी और नैनीताल जैसे स्थानों पर भी पारा तेजी से गिरेगा और सुबह-शाम ठंड ज्यादा महसूस होगी। पाला गिरने से सड़कों पर फिसलन की आशंका भी बनी रहती है।
मैदानी इलाकों में बढ़ेगी ठंड
मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के कारण दिन का तापमान गिरेगा। ठंडी हवाओं के चलने से सुबह और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। शीतलहर को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना से पर्यटकों में उत्साह है। नए साल के मौके पर पर्यटन स्थलों पर पहले से ही भीड़ बढ़ी हुई है, ऐसे में बर्फबारी आकर्षण का केंद्र बनेगी। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लें और गर्म कपड़े साथ रखें। पहाड़ी मार्गों पर कोहरा और फिसलन के कारण वाहन धीमी गति से चलाने की सलाह दी गई है। किसानों को फसलों और पशुओं को ठंड से बचाने के उपाय करने को कहा गया है।
नए साल पर बदलेगा मौसम का मिजाज
एक जनवरी के बाद मौसम में बदलाव जारी रहेगा और कुछ दिनों तक पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर चल सकता है। इससे पर्यटन कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि ठंड बढ़ने से आम जनजीवन पर भी असर पड़ेगा, इसलिए प्रशासन ने जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर दो से तीन दिन तक रह सकता है। इस दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादल छंटने के बाद रात का तापमान और तेजी से गिरेगा।
प्रशासन ने ठंड और बर्फबारी को देखते हुए सभी जरूरी विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। बर्फबारी वाले मार्गों पर सफाई और बचाव दल तैनात रहेंगे। आम लोगों से भी अपील की गई है कि बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलें और ठंड से बचाव के उपाय करें।
पर्वतीय जिलों में यात्रियों की सुविधा के लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किए गए हैं।