लालकुआं। कुमाऊं क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाली दो बड़ी परियोजनाओं को केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है। हल्द्वानी से हरिद्वार तक एलिवेटेड रोड के निर्माण की प्रक्रिया को राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है। वहीं लालकुआं बाईपास के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम भी शुरू हो गया है।
डीपीआर तैयार होने के बाद आमंत्रित होगी निविदा
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से हल्द्वानी-हरिद्वार एलिवेटेड रोड के लिए डीपीआर तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। डीपीआर पूरी होते ही परियोजना के लिए निविदा आमंत्रित की जाएगी और उसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। अधिकारियों के मुताबिक यह परियोजना दो बड़े जिलों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर भीड़ और जाम की समस्या से निजात दिलाएगी।
लालकुआं बाईपास को भी हरी झंडी
लालकुआं बाईपास की परियोजना को भी विभागीय मंजूरी मिल चुकी है और निविदा जारी कर दी गई है। बाईपास बनने के बाद लालकुआं नगर में बढ़ते यातायात दबाव में कमी आएगी। भारी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना आवागमन का विकल्प मिलेगा, जिससे शहर की सड़कों पर भीड़ कम होगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी घटेगा।
सफर में लगेगा ढाई घंटे का समय
सांसद अजय भट्ट ने बताया कि इस मामले में उनकी केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री से विस्तृत चर्चा हुई थी। एलिवेटेड रोड बनने के बाद हल्द्वानी से हरिद्वार की दूरी दो से ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। इससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी और वाहनों का दबाव भी कम पड़ेगा।
कुमाऊं के इन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
सांसद भट्ट के मुताबिक यह मार्ग कुमाऊं वासियों की यात्रा को सुगम बनाएगा। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से कुमाऊं के धार्मिक, पर्यटन और व्यापारिक क्षेत्रों को विशेष लाभ पहुंचेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
प्रदेश में सड़क सुधार की दिशा में कदम
पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की सड़कों पर यातायात लगातार बढ़ा है, जिससे प्रमुख मार्गों पर जाम आम हो गया है। व्यापारिक वाहनों और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से इन मार्गों पर दबाव बना हुआ है। एलिवेटेड रोड और बाईपास जैसी परियोजनाएं इस दबाव को कम करने में सहायक मानी जा रही हैं।
स्थानीय कारोबार को भी मिलेगी राहत
व्यापारियों का मानना है कि लंबे जाम से समय और ईंधन की बर्बादी होती है और माल की ढुलाई प्रभावित होती है। तेज आवागमन से मंडी और बाजारों तक सामान समय पर पहुंच सकेगा। क्षेत्रीय संगठनों ने उम्मीद जताई है कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।
यातायात दबाव बढ़ने की वजह
हल्द्वानी और हरिद्वार के बीच मुख्य मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। कुमाऊं की मंडियों से माल ढोने वाले ट्रक, कांवड़ यात्रा के समय श्रद्धालुओं का सैलाब और पर्यटन सीजन में निजी वाहनों की भीड़ इस मार्ग पर दबाव बनाते हैं। लालकुआं जैसे कस्बों में मार्ग के बीच शहर से गुजरने के कारण जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है।