देहरादून। उत्तराखंड में सर्दी ने जोर पकड़ लिया है और मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो से तीन दिनों तक ठंड का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ गई है।
ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के आसार
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी होने के आसार हैं। ऐसे में ठंड और बढ़ने की संभावना है और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानों तक असर डालेंगी। प्रशासन ने पर्वतीय मार्गों पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
केदारनाथ में शून्य से 12 डिग्री नीचे तक पारा
विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बदरीनाथ धाम में न्यूनतम तापमान लगभग शून्य डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि केदारनाथ में पारा माइनस 12 डिग्री तक गिर सकता है। इन स्थानों पर सुबह और रात के समय गलन बनी रहती है, जिससे दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में बर्फबारी
पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में बादल छाए रहने के आसार हैं। स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और पर्वत यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि अचानक मौसम बिगड़ने पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
मैदानी इलाकों में शीतलहर और धुंध
मैदानी इलाकों में सुबह और शाम शीतलहर चलने की संभावना है। हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण लोगों को विशेष राहत मिलने के आसार कम हैं। रात के समय पाला पड़ने से खुले मैदानों और फसलों पर असर पड़ सकता है।
पाला गिरने से सड़कों पर बढ़ेगी फिसलन
रात और सुबह के समय सड़कों पर पाला पड़ने से फिसलन बढ़ सकती है। धुंध के कारण दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। राजमार्गों और मोटर मार्गों पर सुबह की आवाजाही के दौरान गति सीमित रखने की सलाह दी गई है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
यात्रियों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने यात्रियों से भारी गर्म कपड़े, थर्मल, दस्ताने और टोपी साथ रखने की अपील की है। यात्रा से पहले मौसम के ताजा अपडेट देखने और जरूरत पड़ने पर ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर रुख करने की सलाह दी गई है। घर से निकलने से पहले मार्गों की स्थिति की जानकारी लेना भी उपयोगी रहेगा।
स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर, बरतें सावधानी
लगातार बढ़ती ठंड का असर स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। शरीर को ढककर रखने, गुनगुना पानी पीने और सुबह देर से बाहर निकलने जैसी सावधानियां अपनाई जा सकती हैं।
प्रशासन ने की यात्रा से बचने की अपील
प्रशासन ने पर्वतीय मार्गों पर बर्फबारी और फिसलन को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। सड़क किनारे बने ढाबों और पार्किंग स्थलों पर भी सतर्कता बरतने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों और पशुपालकों को रहना होगा सतर्क
ठंड बढ़ने के साथ किसानों और पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फसलों को पाले से बचाने के लिए रात में हल्की सिंचाई की जा सकती है, जबकि पशुओं के बाड़ों को हवा रोकने वाले पर्दों से ढकने की सलाह दी जाती है। ठंडे पानी की जगह हल्का गर्म पानी पिलाना बेहतर माना जाता है।