उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। सोमवार को चमोली में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को पूरे राज्य में बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इन दोनों दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बदरीनाथ और औली में ताजा हिमपात
चमोली के बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और औली में ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। बर्फबारी और बारिश से पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। बर्फ से ढकी चोटियों का नजारा बेहद खूबसूरत बन गया है।
दो दिन रहेगा ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार सात और आठ अप्रैल को पूरे प्रदेश में बारिश होगी। इसलिए इन दोनों दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश का असर तेज रहेगा। बारह अप्रैल तक राज्य में बारिश का दौर चलने की संभावना है।
पर्वतीय जिलों में सक्रिय मौसम
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पर्वतीय जिलों में मौसम अधिक सक्रिय बना हुआ है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन इलाकों में बिजली गिरने की भी संभावना है। पहाड़ों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरने से तापमान में गिरावट आएगी। इन इलाकों में सुबह और शाम के समय ठंड तेज रहेगी। बर्फबारी से ऊंचाई वाले रास्तों पर फिसलन बढ़ सकती है।
देहरादून में बदला रहेगा मौसम
देहरादून समेत कई इलाकों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। देहरादून में अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन में गर्मी और रात में ठंड का असर जारी रहेगा।
मैदान में गर्मी, पहाड़ में ठंड
देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों गर्मी बढ़ रही है। इसके उलट उत्तराखंड में अप्रैल के महीने में बारिश हो रही है। मैदानी इलाकों में उमस के साथ गर्मी का असर है। पहाड़ी इलाकों में ठंड का एहसास हो रहा है।
किसानों की बढ़ी चिंता
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका है। पहाड़ों में इस समय बागवानी फसलों की बहार चल रही है। ओलों की मार से बागवानों को नुकसान हो सकता है। किसानों को फसलों की निगरानी रखने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान देखकर यात्रा करने की अपील की है। अलर्ट के दौरान नदियों और नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में सावधानी बरतने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
यातायात पर पड़ेगा असर
बारिश और बर्फबारी से ऊंचाई वाले रास्तों पर फिसलन हो सकती है। चारधाम यात्रा मार्ग पर भी सावधानी बरतनी होगी। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धुंध छाने से दृश्यता कम होगी। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है।