उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है। चमोली के जोशीमठ क्षेत्र में साल की पहली ओलावृष्टि हुई है। इसके साथ तेज बारिश भी दर्ज की गई। वहीं नैनीताल में बारिश-ओलावृष्टि से पर्यटक परेशान हुए। मौसम विभाग के मुताबिक बदलाव का दौर जारी रह सकता है।
जोशीमठ में ओले गिरे
जोशीमठ और आसपास के इलाकों में ओले गिरे। खेत और बाग सफेद नजर आए। तेज बारिश से नाले उफान पर आ गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मौसम में ऐसा बदलाव होता रहता है। ओलावृष्टि से तापमान में भी गिरावट आई।
नैनीताल में पर्यटक परेशान
नैनीताल में बारिश के साथ ओले गिरे। सैर पर निकले पर्यटक भागकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचे। बाजार में भीड़ कम हो गई। ठंड बढ़ने से लोग होटलों में ही रुके रहे। स्थानीय कारोबारियों को भी असर देखने को मिला।
फसलों को फायदा
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक ओलावृष्टि और बारिश फसलों के लिए फायदेमंद रही। फसलों को नमी मिली है। गेहूं और अन्य रबी फसलों को इसका लाभ मिलेगा। बागवानी में भी सिंचाई की जरूरत कम हुई। किसानों ने राहत की सांस ली है।
तापमान में गिरावट
मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिन में ठंडी हवाएं चलीं। रात का पारा भी नीचे आया। लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए। अलाव जलाने की नौबत भी आई।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी बारिश के आसार हैं। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। मैदानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यातायात पर असर
बारिश और ओलावृष्टि से कुछ मार्गों पर आवाजाही धीमी रही। फिसलन के कारण वाहन सावधानी से चलाए गए। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात रही। यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर निकलने को कहा गया है।
बागवानी पर असर
सेब और अन्य फलों के बागों को भी नमी मिली। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर बारिश बागवानी के लिए अच्छी मानी जाती है। लेकिन अधिक ओलावृष्टि से नुकसान का खतरा रहता है। किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
प्रशासन ने मौसम की निगरानी तेज कर दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया। राहत और बचाव के इंतजाम दुरुस्त रखे गए हैं। आम लोगों से सूचना साझा करने की अपील की जा रही है।
मौसम में बदलाव का दौर
मार्च में मौसम का बदलाव सामान्य माना जाता है। पहाड़ में बारिश-बर्फबारी और मैदान में ओलावृष्टि होती है। इससे खेती को फायदा मिलता है। लेकिन जरूरी है कि सावधानी बरती जाए। प्रशासन और विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं।
बागवानों की चिंता
ओलावृष्टि से बागवानों की चिंता बढ़ गई है। सेब और अन्य फलों के फूल झड़ने की आशंका है। किसान फसल बचाने के उपाय तलाश रहे हैं। विशेषज्ञों ने बचाव की सलाह दी है। नुकसान का आकलन बाद में किया जाएगा।
राहत के लिए संपर्क
प्रशासन ने नुकसान की सूचना देने के लिए नंबर जारी किए। संबंधित विभाग मौके पर जायजा ले रहा है। प्रभावित किसानों से रिपोर्ट मांगी गई है। जरूरत पड़ने पर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों ने सहयोग का भरोसा दिया।
ओले से बचाव के उपाय
ओले से बचाने के लिए किसान तिरपाल का सहारा ले रहे हैं। कुछ ने फसल कटाई जल्दी कर दी। विशेषज्ञों ने खेतों में पानी निकासी का सुझाव दिया। मौसम खुलते ही दवा छिड़काव की सलाह है। सतर्कता से नुकसान कम किया जा सकता है।