हरिद्वार की पवित्र हर की पैड़ी पर 25 जनवरी को भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पंचजन्य की रिपोर्ट के अनुसार मां गंगा हिंदू सम्मेलन समिति एवं श्री गंगा सभा के तत्वावधान में होने वाला यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह की श्रृंखला में किया जा रहा है। दोपहर दो बजे संजय पुल के समीप मां गंगा की धरा पर होने वाले सम्मेलन में हिंदू जागरण और सनातन समाज की एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।
यति नरसिंहानंद को नहीं मिली अनुमति
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड पुलिस ने यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को हरिद्वार आने से रोक दिया है। उत्तर प्रदेश सीमा पर उनके काफिले को उत्तराखंड में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। शिवशक्ति धाम दासना के पीठाधीश्वर एवं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नरसिंहानंद डॉ. उदिता त्यागी समेत अपने सहयोगियों के साथ हरिद्वार की ओर आ रहे थे।
यूजीसी कानून के विरोध में करते उपवास
यति नरसिंहानंद ने कहा कि वे तथाकथित यूजीसी एक्ट के विरोध में शांतिपूर्ण और सांकेतिक उपवास करने जा रहे थे। उन्होंने सीमा पर रोके जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उनका कहना था कि हिंदू समाज को बांटने वाले कानूनों के खिलाफ संत समाज को आगे आना चाहिए।
हरिद्वार बॉर्डर पर भारी पुलिस बल
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित हरिद्वार बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात रहेगी।
सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर
सम्मेलन को लेकर तैयारियां व्यापक स्तर पर चल रही हैं। गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने बताया कि यह आयोजन पहली बार हर की पैड़ी पर किया जा रहा है। उन्होंने वर्तमान कालखंड को सनातन और हिंदू समाज के लिए स्वर्णिम युग बताया और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद बदले माहौल का जिक्र किया।
हर की पैड़ी पर पहली बार आयोजन
आयोजन की खास बात यह है कि संघ के शताब्दी वर्ष में पहली बार हर की पैड़ी जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह का सम्मेलन हो रहा है। आयोजकों का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य और श्रद्धालु शामिल होंगे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील
गंगा सभा ने श्रद्धालुओं से सम्मेलन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य सनातन परंपराओं और मां गंगा के संरक्षण का संदेश देना है। क्षेत्र में सफाई और बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
संतों की बैठकें और मंथन
सम्मेलन के दौरान संतों और संगठनों की अलग-अलग बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में हिंदू समाज की एकता, धर्म परंपरा और सामाजिक सरोकारों पर मंथन किया जाएगा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
संजय पुल और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस ने क्षेत्रवासियों और व्यापारियों से सहयोग की अपील की है।