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अल्मोड़ा

उत्तराखंड में ठंड की दस्तक: पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, धामों में बढ़ी ठिठुरन

मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय जिलों में बारिश और 4000 मीटर से ऊपर बर्फबारी के आसार हैं। धामों में ठंड बढ़ने से श्रद्धालुओं को ठिठुरन झेलनी पड़ रही है।

उत्तराखंड का मौसम अब तेजी से शीत ऋतु की ओर मुड़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। इस बदलाव के बाद पहाड़ों में ठंड और गहरी होने की आशंका है, वहीं मैदानी हिस्सों में कोहरे की चर्चा शुरू हो गई है।

कई जिलों में बारिश का अनुमान

पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून समेत उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। अमर उजाला लाइव के अनुसार 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार जताए गए हैं। ईटीवी भारत की रिपोर्ट में अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में भी हल्की वर्षा की संभावना गिनाई गई है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम का यह उलटफेर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आया है। ईटीवी भारत के मुताबिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने बताया कि मंगलवार रात से पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा और चार हजार मीटर या उससे ऊपर बर्फबारी हो सकती है। इन दो दिनों में आकाशीय बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है।

धामों में हाड़ कंपाने वाली ठंड

ऊंचे हिमालयी स्थानों पर पारा अब शून्य से नीचे जा चुका है। ईटीवी भारत के अनुसार गंगोत्री धाम में न्यूनतम तापमान माइनस 18 डिग्री और केदारनाथ में माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ। बदरीनाथ धाम में न्यूनतम पारा माइनस 12 डिग्री बताया गया, जहां यात्रा जारी है लेकिन श्रद्धालुओं को कड़ी ठंड झेलनी पड़ रही है। यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो चुके हैं।

मैदानों में कोहरे की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक इस बदलाव से पर्वतीय इलाकों में शीतलहर का प्रभाव बढ़ेगा और सुबह-शाम की ठंडी हवाएं ठिठुरन पैदा करेंगी। वहीं मैदानी इलाकों में कोहरा छाने की संभावना है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज होने का अनुमान है।

यात्रियों और किसानों को हिदायत

प्रशासन ने पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बर्फबारी की आशंका को देखते हुए ऊंचाई वाले मार्गों पर एहतियात बरतने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों को भी कहा है कि वे अपनी फसलों को ओलावृष्टि या पाले से बचाने के लिए जरूरी कदम पहले से उठा लें।

छह तारीख के बाद शुष्क रहने का अनुमान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार छह से आठ नवंबर तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा और धीरे-धीरे तापमान में स्थिरता आ सकती है। हालांकि रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे सुबह और रात की ठंड पसरी रहेगी।

पर्यटकों को बर्फ का इंतजार

पहाड़ों पर बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए यह मौसम रोमांचक हो सकता है। बर्फ गिरते ही ऊंचे इलाकों में पर्यटकों का आना शुरू हो जाता है। स्थानीय होटल व्यवसायी और व्यापारी भी मौसम की इस करवट से काफी उत्साहित बताए जा रहे हैं।