रविवार, 11 अक्टूबर 2026 देहरादून, उत्तराखंड
मेरा पहाड़ मेरी पहचान
ब्रेकिंग न्यूज़
20 हजार फीट पर देश का पहला हेली रेस्क्यू, गंगोत्री में 67 पर्वतारोही सुरक्षितअक्तूबर में केदारनाथ आ सकते हैं पीएम मोदी, पुनर्निर्माण कार्यों का लेंगे जायजाकुंभ 2027 की तैयारी: एआई और सर्विलांस से निगरानी, 32 सेक्टर व 10 स्नान पर्वहाईकोर्ट ने UKPSC का फैसला पलटा: असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर अहम आदेश; उत्तरकाशी में सड़क बंद होने पर बीमार महिला को 5 किमी डंडी-कंडी पर ढोयाचमोली में बदरीनाथ हाईवे पागलनाला में बंद, 50 वाहन फंसे; गंगा चेतावनी निशान पर, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
समाज

हरिद्वार के सराय गांव में पानी की टंकी से निकले सांप के 27 बच्चे, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

हरिद्वार के सराय गांव में घर की पानी की टंकी से सांप के 27 बच्चे निकले। वन विभाग की टीम और स्नेकमैन ने सभी को रेस्क्यू किया, जो गैर-जहरीली प्रजाति के थे।

हरिद्वार जिले के एक गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब घर की पानी की टंकी में सांप निकले। सराय गांव में सोमवार दोपहर को एक परिवार को टंकी में सांपों की हलचल दिखाई दी। देखते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। आनन-फानन में इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सभी सांपों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना पर ग्रामीणों की भी भीड़ जमा हो गई।

टंकी में तैरते मिले सांप के बच्चे

परिवार के सदस्यों को घर के आंगन में बनी पानी की टंकी में सांप के एक-दो नहीं, बल्कि कुल 27 बच्चे तैरते हुए दिखाई दिए। पानी भरने के दौरान टंकी में सांपों की हलचल देखी गई। टंकी में इतने सारे सांप देखकर घर के बच्चों और महिलाओं में दहशत फैल गई। परिवार ने तुरंत टंकी से दूरी बना ली। किसी ने टंकी में हाथ डालने की हिम्मत नहीं की।

वन विभाग ने किया रेस्क्यू

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम स्नेकमैन के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक टंकी से सभी सांपों को बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। सभी सांपों को सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया गया। वन विभाग की तत्परता से बड़ी घटना टल गई।

गैर-जहरीली प्रजाति के थे सांप

स्नेकमैन ने बताया कि टंकी से निकाले गए सभी सांप चेकर्ड कीलबैक प्रजाति के बच्चे थे। यह प्रजाति गैर-जहरीली मानी जाती है। इनका आकार छोटा होता है और ये आमतौर पर पानी के आसपास रहते हैं। स्नेकमैन के अनुसार सांप के बच्चे अंडों से निकलने के बाद पानी वाली जगहों की ओर बढ़ते हैं। इनका डंक इंसानों के लिए नुकसानदेह नहीं होता। इसी कारण वे टंकी में पहुंच गए। गर्मी और बारिश के बदलते मौसम में ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं।

बारिश के बाद बढ़ती है सांपों की आमद

स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद सांप घरों और आंगनों की ओर बढ़ते हैं। पानी की टंकी, गमलों और रखे सामानों के नीचे ये छिप जाते हैं। इस दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर के आसपास झाड़ियों को साफ रखने की सलाह दी जाती है। टंकी को ढककर रखने से ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।

सांप दिखे तो न करें ये गलती

विशेषज्ञों के अनुसार सांप दिखने पर घबराना नहीं चाहिए। उसे मारने या पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या स्नेकमैन को सूचना दें। बच्चों को टंकी और झाड़ियों से दूर रखें। घर के आंगन में पानी जमा न होने दें। सही जानकारी और सावधानी से ऐसी घटनाओं में किसी को नुकसान नहीं पहुंचता।

वन विभाग ने जारी की अपील

वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि सांप मिलने पर घबराएं नहीं और स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास न करें। विभाग की टीम हर सूचना पर पहुंचकर रेस्क्यू करती है। लोगों से कहा गया है कि वे घरों के आसपास सफाई रखें। इससे सांपों के छिपने की संभावना कम होती है।