हरिद्वार। जिला पूर्ति कार्यालय में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके सहायक गौरव शर्मा के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ गई है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार विजिलेंस की टीम ने डीएसओ के आवास पर तलाशी लेकर 3.50 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए देहरादून से आई विजिलेंस टीम ने जिला पूर्ति कार्यालय के भीतर ही गिरफ्तार किया था।
लक्सर के राशन डीलर ने की थी शिकायत
लक्सर क्षेत्र के एक राशन डीलर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जिला पूर्ति अधिकारी उसकी दुकान को दूसरी दुकान में मर्ज करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। डीलर ने रकम देने के बजाय विजिलेंस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी।
जाल बिछाकर की गई कार्रवाई
शिकायत के बाद देहरादून से विजिलेंस टीम हरिद्वार पहुंची और पूरे मामले में ट्रैप की तैयारी की गई। तय योजना के तहत रिश्वत की रकम लेते ही टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया और मौके से 50 हजार रुपये भी बरामद कर लिए।
ऑफिस बंद होने के बाद बुलाया गया था
बताया जा रहा है कि राशन डीलर को शाम पांच बजे कार्यालय बंद होने के बाद बुलाया गया था और वह करीब सवा पांच बजे जिला पूर्ति कार्यालय पहुंचा। आमतौर पर कार्यालय में कामकाज का समय पांच बजे तक रहता है, लेकिन उस दिन पांच बजे के बाद भी कार्यालय में काम चल रहा था। इसी दौरान विजिलेंस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
रातभर की गई गहन पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद टीम ने दोनों आरोपियों से रातभर गहन पूछताछ की। इसके बाद विजिलेंस ने जिला पूर्ति अधिकारी के आवास पर तलाशी ली, जहां से तीन लाख पचास हजार रुपये की नकदी बरामद हुई। मामले की आगे जांच जारी है और विजिलेंस अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है।
मामले में अगली कार्रवाई
विजिलेंस की टीम दोनों आरोपियों के बैंक खातों और अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक रिश्वत के अन्य मामलों में भी कुछ नाम सामने आ सकते हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है।
राशन व्यवस्था पर पड़ा असर
जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात अधिकारियों की गिरफ्तारी से राशन वितरण व्यवस्था कुछ समय के लिए प्रभावित हुई है। विभाग ने कार्यभार किसी अन्य अधिकारी को सौंप दिया है, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
इससे पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले भी रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी हुई थी। देहरादून में तैनात सीओ के पति और बहादराबाद के खंड शिक्षा अधिकारी तथा उनके सहायक को विजिलेंस टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
धामी के निर्देश पर तेज है अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम तेज कर दी है। विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।
डीलरों में भी चर्चा
इस कार्रवाई की चर्चा क्षेत्र के राशन डीलरों में भी है। डीलरों का कहना है कि समय पर भुगतान और दुकानों से जुड़े फैसले पारदर्शी तरीके से हों, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।