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चमोली

चमोली में स्कूली छात्राओं पर फिर भालू का हमला, एक घायल दूसरी बेहोश

चमोली के गोपेश्वर में स्कूल जा रही दो छात्राओं पर भालू ने हमला कर दिया, एक छात्रा घायल हुई और दूसरी बेहोश हो गई। चार दिनों में यह छठी घटना है।

चमोली। जिले के गोपेश्वर में सोमवार सुबह स्कूल जा रही दो छात्राओं पर भालू ने हमला कर दिया। घटना राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पास हुई, जहां भालू अचानक झाड़ियों से निकलकर छात्राओं पर झपट पड़ा। हमले में एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि दूसरी छात्रा बेहोश हो गई। दोनों को 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया गया।

स्कूल के पास चार दिनों में छठी घटना

यह इसी स्कूल के आसपास चार दिनों के भीतर छठी घटना है। एक दिन पहले भी दो भालुओं ने स्कूल के बच्चों पर हमला किया था, जिसमें छह से ज्यादा बच्चे घायल हुए थे। उस हमले में भालू एक बच्चे को उठाकर जंगल की ओर भी ले गया था। आठवीं कक्षा की एक छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए भालू से भिड़कर बच्चे की जान बचाई थी।

DFO कार्यालय सिर्फ 400 मीटर दूर

जिस स्थान पर भालू ने हमला किया, वह जगह वन विभाग के डीएफओ कार्यालय से महज 400 मीटर की दूरी पर है। इसके बाद भी भालू का आतंक थम नहीं रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से सटे आबादी वाले इलाकों में भालू लगातार घुस रहे हैं और सुबह-शाम स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे ज्यादा खतरे में हैं।

घायल छात्राओं की हालत स्थिर

चिकित्सकों के अनुसार घायल दोनों छात्राओं की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि घटना के बाद बच्चियां डरी हुई हैं और पढ़ाई छोड़ने की बात कर रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्कूल के आसपास सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने जताया रोष

घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष है। उनका आरोप है कि भालू की लगातार हो रही घटनाओं को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। लोगों ने वन विभाग की टीमों से इलाके में गश्त बढ़ाने, बच्चों को सुरक्षित स्थानों से लाने-ले जाने जैसी व्यवस्था करने की मांग की है।

बच्चों को स्कूल भेजने में हिचक

इन हमलों के बाद अभिभावक अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से हिचक रहे हैं। गांवों से स्कूल तक जाने वाले रास्ते जंगल और झाड़ियों के जरिए निकलते हैं। वन विभाग और प्रशिक्षित टीमों की तैनाती किए जाने की बात कही गई है, ताकि इलाके में और कोई अनहोनी न हो।

घटनाओं को लेकर विभाग ने जारी की चेतावनी

एक के बाद एक हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने लोगों से घरों के आसपास कूड़ा और खाद्य सामग्री न खुले में फेंकने की अपील की है। विभाग के मुताबिक ऐसी चीजें भालुओं को आबादी की ओर खींचती हैं। साथ ही सुबह के समय अकेले जंगल के रास्ते निकलने से बचने की भी सलाह दी गई है।

हालात पर प्रशासन की नजर

जिला प्रशासन ने घटनाओं के कारणों की जांच के साथ-साथ रोकथाम के उपाय तय करने के लिए विभागीय अफसरों की बैठक की जानकारी दी है। माना जा रहा है कि जंगलों में भोजन की उपलब्धता और आवासीय इलाकों तक भालुओं का पहुंचना ही इन हमलों की वजह है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बर्फबारी और तापमान गिरने से यह समस्या और बढ़ सकती है।