आयुष्मान योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में अनियमितताओं के खिलाफ राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार को देहरादून के पांच अस्पतालों पर औचक छापेमारी की गई। निरीक्षण में अवैध वसूली, अनावश्यक आईसीयू भर्ती और डॉक्टरों की अनुपस्थिति जैसी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद तीन अस्पतालों की संबद्धता निलंबित करने और कुछ पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।
पांच अस्पतालों पर पड़ा छापा
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की टीम ने देहरादून के पावरलाइफ, प्रेमसुख, प्रकाशदीप, वेलमेड और सुनंदा मेडिकल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। छापेमारी प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी के निर्देश पर की गई। निरीक्षण का नेतृत्व निदेशक क्लेम डॉक्टर सरोज नैथानी ने किया। टीम ने अस्पतालों के रिकॉर्ड और मरीजों से जुड़े दस्तावेज खंगाले। संचालकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
क्या-क्या मिलीं अनियमितताएं
निरीक्षण में पाया गया कि कुछ अस्पताल मरीजों से अवैध वसूली कर रहे थे। बिना जरूरत के मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया जा रहा था। कई मामलों में डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं थे। कैशलेस इलाज से इनकार की भी शिकायतें मिलीं। इन गंभीर खामियों को देखते हुए प्राधिकरण ने तत्काल कार्रवाई की। मरीजों के बिलों में भी गड़बड़ी पाई गई।
तीन अस्पतालों की संबद्धता निलंबित
प्राधिकरण ने तीन अस्पतालों की संबद्धता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। प्रकाशदीप और पावरलाइफ की संबद्धता निलंबित करने की संस्तुति की गई है। वहीं प्रेमसुख और सुनंदा अस्पताल पर आर्थिक दंड लगाने की सिफारिश की गई है। एक अस्पताल पर छियासी हजार दो सौ पचास रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
किन योजनाओं पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना और राज्य सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों पर की गई है। प्राधिकरण के अनुसार मानक संचालन में गंभीर खामियां पाई गईं। सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए निगरानी तेज की गई है।
गरीब मरीजों को मिलेगा लाभ
आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए बनाई गई है। अस्पतालों की लापरवाही से इन मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती थी। अब कार्रवाई के बाद योजना का लाभ सही तरीके से मिलने की उम्मीद है। जरूरतमंदों को समय पर इलाज मिल सकेगा। पात्र मरीजों को कैशलेस इलाज का पूरा लाभ मिलना चाहिए।
आगे भी चलेगी कार्रवाई
प्राधिकरण ने साफ किया है कि अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। अन्य अस्पतालों की भी जांच की जा रही है। भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राज्यभर के अस्पतालों की सूची की समीक्षा की जा रही है।
मरीजों से रखी जाएगी निगरानी
मरीजों से अपील की गई है कि इलाज में किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच होगी। इससे योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को राहत मिलेगी। प्राधिकरण ने हेल्पलाइन के जरिए भी शिकायत देने की सुविधा दी है। सभी अस्पतालों को सख्त चेतावनी भी जारी की गई है।