उत्तरकाशी। जिले के मखमली बुग्याल में अढूंडी बटर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस अनोखे उत्सव का उद्देश्य पहाड़ के पारंपरिक मक्खन, डेयरी उत्पादों और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना है।
क्या खास रहा
- पारंपरिक तरीके से बने मक्खन और घी की प्रदर्शनी
- स्थानीय डेयरी और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल
- पहाड़ी व्यंजन और लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम
- बुग्याल की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव
क्यों अहम है यह पहल
पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन और डेयरी आजीविका का अहम साधन है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलती है, ब्रांडिंग होती है और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलते हैं। बुग्याल (उच्च घास के मैदान) पहाड़ की जैव-विविधता का अनमोल हिस्सा हैं।
बुग्यालों की सुरक्षा भी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटन बढ़ने के साथ बुग्यालों में कचरा, अतिक्रमण और अनियंत्रित आवाजाही से नुकसान हो सकता है। इसलिए ऐसे आयोजनों में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखना जरूरी है।
आगे क्या
आयोजकों का कहना है कि फेस्टिवल को हर साल आयोजित करने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की योजना है।