देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध बस्तियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। जिला प्रशासन के मुताबिक जिले में कुल 129 अवैध बस्तियों को चिह्नित किया गया है और इन पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
क्यों जरूरी है यह कार्रवाई
अवैध बस्तियों से जुड़ी कई समस्याएं सामने आती हैं —
- सरकारी और वन भूमि पर अतिक्रमण
- अवैध कॉलोनियों की बिक्री और खरीद
- बारिश के दौरान भूस्खलन और जलभराव का खतरा, क्योंकि बड़ी संख्या में बस्तियां ढलानों और नालों के किनारे बसी हैं
- बुनियादी सुविधाओं का अभाव — सड़क, पानी, सीवर और बिजली
प्रशासन का रुख
प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले वहां रहने वाले लोगों को पहले सूचित किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जिन बस्तियों में जनहित का सवाल है, वहां पुनर्वास की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।
आगे क्या
अतिक्रमण हटाने के साथ ही प्रशासन की कोशिश है कि भविष्य में ऐसी बस्तियां न बसें। इसके लिए सख्त निगरानी और मौके पर जांच की बात कही गई है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे बिना प्रमाणित नक्शे के प्लॉट या मकान न खरीदें।