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उत्तरकाशी

उत्तराखंड में आंधी-तूफान का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 25 जून तक पहुंचेगा मानसून

मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत सात जिलों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। 25 जून तक मानसून आ सकता है।

उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जगाई है। प्रदेश के मैदानी जिलों में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप जारी है। अब मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार से गर्मी में थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। इसके साथ ही कई जिलों के लिए आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

सात जिलों में तूफान का येलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में तेज तूफान चल सकता है। हवाओं की रफ्तार पचास किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में आंधी के साथ बारिश की भी संभावना है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

25 जून तक पहुंचेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून प्रदेश में पच्चीस जून तक पहुंच सकता है। इसके चलते अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून पहुंचने के बाद गर्मी से राहत मिलेगी।

मैदानों में बढ़ा तापमान

मैदानी इलाकों में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। देहरादून समेत कई जिलों में लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं। दिन में लू जैसी स्थिति बनी हुई है। अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शाम के समय बादल छा रहे हैं, लेकिन बारिश न होने से लोगों को राहत नहीं मिल रही।

पहाड़ों में बदला मिजाज

पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ देखा जा रहा है। दिन में गर्मी रहती है, जबकि सुबह और शाम मौसम सुहावना बना हुआ है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

यात्रियों और किसानों पर असर

खराब मौसम का असर यात्रा मार्गों पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आंधी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों और पशुओं का ध्यान रखें। गरज के साथ बारिश होने पर खेतों में काम सावधानी से करें।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून पूर्व की बारिश प्रदेश के लिए फायदेमंद रहती है। इससे जंगलों में नमी आती है और गर्मी का असर कम होता है। हालांकि तेज आंधी से पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए लोगों को लगातार मौसम अपडेट देखते रहना चाहिए।

प्रशासन की तैयारी

प्रशासन ने मौसम के बदलाव को देखते हुए तैयारी पूरी कर ली है। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे आंधी के दौरान कच्चे मकानों और पेड़ों के नीचे न रुकें। स्कूलों और अस्पतालों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।