रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे को लेकर चला तनाव आखिरकार खत्म हो गया है। निहंग सिखों और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच शुरू हुआ विवाद चार दिन तक सुर्खियों में रहा। पंजाब से पहुंचे निहंग प्रतिनिधियों और प्रशासन की मध्यस्थता के बाद गतिरोध खत्म हुआ। इसके बाद गुरुद्वारा परिसर खाली करा लिया गया। चार दिन तक चले गतिरोध के दौरान इलाके में तनाव बना रहा।
निहंगों ने खाली किया परिसर
मंगलवार शाम को पारंपरिक हथियार लिए कई निहंग सिख मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुरुद्वारे से चले गए। निहंगों ने तीन दिनों से अधिक समय तक गुरुद्वारे के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर रखा था। यह गतिरोध कर्णप्रयाग में हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस द्वारा चार निहंगों की गिरफ्तारी के विरोध में शुरू हुआ था। मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी। इससे इलाके में राहत की सांस ली गई।
जांच हरिद्वार पुलिस को सौंपी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। चमोली पुलिस से जांच छीनकर हरिद्वार पुलिस को सौंप दी गई है। जांच की कमान हरिद्वार के एसएसपी के पास है। अधिकारियों के अनुसार इससे जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकेगी। सिख संगठनों और अल्पसंख्यक आयोग के दबाव के बाद यह फैसला लिया गया।
दर्ज हुई क्रॉस एफआईआर
मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर पीड़ित सिख श्रद्धालुओं के पिता की तहरीर पर दर्ज हुई। इसके अलावा निहंगों को बिना दस्तार पेश करने के आरोपों की जांच डीआईजी स्तर के अधिकारी करेंगे। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। साक्ष्य जुटाने के लिए टीमें लगाई गई हैं।
प्रशासन की मध्यस्थता
गतिरोध खत्म कराने में प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों से लगातार संवाद किया। पंजाब से आए प्रतिनिधियों ने भी शांति बनाने में सहयोग किया। अधिकारियों के अनुसार सभी पक्षों की सहमति से परिसर खाली कराया गया। किसी को नुकसान न पहुंचे, इसका भी ध्यान रखा गया।
सुरक्षा व्यवस्था बरकरार
गुरुद्वारा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बरकरार है। पुलिस और आईटीबीपी की टुकड़ियां तैनात हैं। हेमकुंड यात्रा के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
उठे सवाल
बिना किसी बड़ी कार्रवाई के विवाद खत्म होने पर पुलिस और प्रशासन के काम पर सवाल भी उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी। अब सबकी नजर जांच की प्रगति पर टिकी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आगे की राह
अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। गुरुद्वारा प्रबंधन ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन और सिख संगठनों के बीच संवाद जारी है। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सुरक्षा के इंतजाम और मजबूत किए गए हैं।