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चमोली

श्रद्धालुओं का सैलाब, बदरीनाथ धाम में आंकड़ा 10 लाख के पार, चारधाम यात्रा में 31 लाख तीर्थयात्री

बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख के पार पहुंची, 8 साल का रिकॉर्ड टूटा। केदारनाथ में सबसे ज्यादा 11 लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए।

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड सैलाब उमड़ रहा है। बदरीनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई है। इसके साथ ही आठ साल का बड़ा रिकॉर्ड टूट गया है। कपाट खुलने के महज डेढ़ महीने के भीतर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। धाम में हर दिन भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

बदरीनाथ में टूटा आठ साल का रिकॉर्ड

भू-बैकुंठ कहे जाने वाले बदरीनाथ धाम में 23 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट खुले थे। कपाट खुलने के बाद से ही धाम में भक्तों का लगातार सैलाब उमड़ रहा है। नौ जून की शाम तक धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या नौ लाख 97 हजार से अधिक दर्ज की गई थी। रात तक यह आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच गया। इससे पहले आठ साल में इतनी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ नहीं पहुंचे थे।

केदारनाथ में सबसे ज्यादा श्रद्धालु

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथ धाम में सबसे अधिक तीर्थयात्री पहुंचे हैं। 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से केदारनाथ में 11 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। बदरीनाथ धाम में भी नौ लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। दोनों धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी हुई है।

चारधाम यात्रा में 31 लाख पार

अधिकारियों के अनुसार यात्रा शुरू होने से अब तक 31 लाख से अधिक तीर्थयात्री प्रदेश के विभिन्न धामों के दर्शन कर चुके हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या पहुंच रही है। देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु यात्रा में शामिल हो रहे हैं। पैदल मार्ग से लेकर सड़क मार्ग तक हर जगह भीड़ देखी जा रही है।

स्वास्थ्य कारणों से 161 ने गंवाई जान

यात्रा के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अब तक 161 श्रद्धालुओं की मौत की दुखद खबर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार अधिकतर मामलों में हृदय संबंधी समस्या और ऊंचाई पर सांस लेने में परेशानी कारण बनी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। यात्रियों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही यात्रा पर निकलने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बढ़ाई गईं

यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बढ़ाई गई हैं। प्रमुख स्थानों पर चिकित्सकों की टीमें तैनात की गई हैं। हेली सेवा के जरिए आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया जाता है। ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन लगातार यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी कर रहा है।

यात्रियों को दी जा रही है ये सलाह

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य की जांच कराकर ही यात्रा पर आएं। गंभीर बीमारी वाले श्रद्धालु यात्रा न करें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेजी से चलने से बचें। पर्याप्त आराम और पानी का सेवन करें। नियमों का पालन करने से यात्रा सुरक्षित और सुगम बनती है।