उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए। यह हादसा ऊखीमठ कोतवाली क्षेत्र के भीरी-पेलिंग मोटर मार्ग पर सामने आया।
50 फीट नीचे पेड़ पर अटकी कार
पुलिस के अनुसार शनिवार दोपहर करीब सवा बारह बजे सूचना मिली कि भीरी-पेलिंग मोटर मार्ग पर एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि वाहन संख्या यूके13बी-4293 (सिलेरियो) कार सड़क से लगभग 50 फीट नीचे गहरी खाई में गिरकर एक पेड़ पर अटकी हुई है। बताया जा रहा है कि कार बांसवाड़ा क्षेत्र से पेलिंग-उथिंड गांव की ओर जा रही थी। कार में कुल आठ लोग सवार थे।
रेस्क्यू अभियान में जुटी तीन टीमें
सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग विकास पुंडीर के नेतृत्व में कोतवाली ऊखीमठ पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। कार खाई में लुढ़कने के दौरान पेड़ पर अटक गई थी, लेकिन उसमें सवार लोग छिटककर इधर-उधर गिर गए थे। रेस्क्यू टीमों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पांच घायलों को खाई से बाहर निकाला।
घायलों का चल रहा इलाज
घायलों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि पहुंचाया गया। घायलों में रेशमा देवी, दक्षित, सान्वी, विहान और वैभव शामिल बताए जा रहे हैं। इस भीषण हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की और हादसे के कारणों की जांच में जुट गई।
मृतकों और घायलों की पहचान
हादसे में महेन्द्र सिंह (68 वर्ष), उनके पुत्र अंजन सिंह (42 वर्ष) और संगीता देवी (32 वर्ष) की मृत्यु हुई। घायलों में रेशमा देवी, दक्षित (5 वर्ष), सान्वी (3 वर्ष), विहान (8 वर्ष) और वैभव (10 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार दुर्घटना में घायल और मृतक सभी उथिंड गांव के निवासी हैं। हादसे की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
पिछले दिनों हुए कई हादसे
उत्तराखंड में लगातार हो रहे सड़क हादसों से लोग सकते में हैं। इससे पहले उत्तरकाशी और चमोली जिलों में हुए अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हुई थी। पहाड़ी मार्गों पर बारिश के बाद सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं और मोड़ तेज होने के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों ने बढ़ाया हाथ
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी बचाव कार्य में जुट गए। टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से खाई में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के बाद तत्काल राहत कार्य शुरू करना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता थी।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर रफ्तार कम रखें, मोड़ पर ओवरटेक न करें और मौसम खराब होने पर विशेष सतर्कता बरतें। स्थानीय लोगों से कहा गया है कि किसी भी हादसे की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और आपातकालीन नंबर 112 पर दें, ताकि समय रहते बचाव अभियान चलाया जा सके। प्रशासन ने पहाड़ी रूट पर गश्त बढ़ाने और अति संवेदनशील मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं।