उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और अब यह आग बस्तियों तक पहुंचने लगी है। चमोली और उत्तरकाशी दोनों जिलों में गुरुवार को जंगलों की आग ने खतरनाक रूप ले लिया, जिससे इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गोपेश्वर में रिहायशी इलाके तक पहुंची आग
चमोली जिले में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ताजा मामला गोपेश्वर स्थित नर्सिंग कॉलेज के पास का है, जहां जंगल में लगी आग अचानक सड़क किनारे तक पहुंच गई। तेज धूप और तेज हवाओं के चलते आग भयानक तरीके से फैल गई। लपटें सड़क किनारे खड़े वाहनों तक पहुंच गईं, जिससे एक वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक एक वाहन आग की चपेट में आ चुका था। बाद में आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। चमोली में जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक वनाग्नि से नुकसान हो रहा है।
उत्तरकाशी में हाईवे के करीब पहुंची लपटें
उत्तरकाशी में जनपद मुख्यालय के बड़ेथी क्षेत्र में स्थित पोखु देवता मंदिर के समीप देर रात जंगल में अचानक भीषण आग भड़क उठी। तेज हवाओं और सूखी वनस्पतियों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और इसकी लपटें आवासीय बस्ती तथा गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के बेहद करीब तक पहुंच गईं। रात के अंधेरे में आग की ऊंची लपटों और धुएं को देखकर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के साथ ही आसपास ठहरे यात्रियों में भी भय का माहौल बन गया।
फायर ब्रिगेड ने संभाली स्थिति
सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। एफएसएसओ नरेंद्र रावत के नेतृत्व में पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने सबसे पहले आग को आबादी क्षेत्र और हाईवे की ओर बढ़ने से रोकने का अभियान शुरू किया। आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि कुछ समय के लिए हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों में भी दहशत का माहौल बन गया। आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीमें भी जुटी रहीं।
गेस्ट हाउस से 70 यात्रियों को सुरक्षित निकाला
आग से उठ रहे घने धुएं के कारण समीप स्थित एक गेस्ट हाउस भी खतरे की जद में आ गया, जहां चारधाम यात्रा पर आए करीब 70 यात्री ठहरे हुए थे। धुआं तेजी से फैलने और आग करीब पहुंचने पर स्थिति गंभीर बन गई, लेकिन फायर सर्विस कर्मियों ने बिना समय गंवाए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि समय रहते टीम नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
बारिश से कम हुई आग की तीव्रता
शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश होने से जंगलों में धधक रही आग धीरे-धीरे शांत होने लगी और भीषण गर्मी से भी लोगों को राहत मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
यात्रियों और स्थानियों के लिए चेतावनी
वन विभाग और प्रशासन के सामने आग पर नियंत्रण बड़ी चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जंगल के पास आग जलाने या जलती हुई वस्तु फेंकने से बचें। चारधाम यात्रा मार्ग पर चल रहे यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि कई जगहों पर धुएं के कारण दृश्यता कम हो रही है। स्थानीय लोगों से कहा गया है कि वे आग की सूचना तुरंत वन विभाग और फायर सर्विस को दें, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।