रविवार, 11 अक्टूबर 2026 देहरादून, उत्तराखंड
मेरा पहाड़ मेरी पहचान
ब्रेकिंग न्यूज़
20 हजार फीट पर देश का पहला हेली रेस्क्यू, गंगोत्री में 67 पर्वतारोही सुरक्षितअक्तूबर में केदारनाथ आ सकते हैं पीएम मोदी, पुनर्निर्माण कार्यों का लेंगे जायजाकुंभ 2027 की तैयारी: एआई और सर्विलांस से निगरानी, 32 सेक्टर व 10 स्नान पर्वहाईकोर्ट ने UKPSC का फैसला पलटा: असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर अहम आदेश; उत्तरकाशी में सड़क बंद होने पर बीमार महिला को 5 किमी डंडी-कंडी पर ढोयाचमोली में बदरीनाथ हाईवे पागलनाला में बंद, 50 वाहन फंसे; गंगा चेतावनी निशान पर, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तरकाशी

चारधाम यात्रा 2026 शुरू: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले, उमड़े श्रद्धालु

अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए हैं। गंगोत्री के कपाट 12:15 बजे तो यमुनोत्री के 12:35 बजे खोले गए, यात्रा के सकुशल संचालन के लिए गंगा पूजन भी हुआ।

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत हो गई है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:15 बजे खोले गए। इसके बाद दोपहर 12:35 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए। यात्रा के सकुशल संचालन के लिए हरिद्वार में गंगा पूजन भी किया गया।

कपाट खुलते ही उमड़े श्रद्धालु

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से दर्शन किए। मंदिर समिति और प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली थीं। यात्रियों ने हर-हर गंगे के जयघोष के साथ दर्शन किए। धाम परिसर भक्तिमय नजर आया।

तैयारियां थीं पूरी

गंगोत्री और यमुनोत्री धामों को खोलने की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। मंदिर समिति के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तैनात रहे। मार्गों को दुरुस्त किया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर जरूरी इंतजाम किए गए थे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

गंगा पूजन से हुई कामना

चारधाम यात्रा के सुरक्षित और सफल संचालन के लिए हरिद्वार में गंगा पूजन किया गया। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने हर की पैड़ी पर पूजन किया। उन्होंने यात्रा के सकुशल संचालन की कामना की। इस अवसर पर अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

चारधाम यात्रा का महत्व

चारधाम यात्रा में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम शामिल हैं। यह यात्रा हर साल अक्षय तृतीया से शुरू होती है। देश-विदेश से श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। यात्रा का धार्मिक महत्व बहुत ऊंचा माना जाता है। श्रद्धालु इसे जीवन की सबसे बड़ी यात्रा मानते हैं।

आगे खुलेंगे अन्य धाम

आने वाले दिनों में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट भी खुलेंगे। दोनों धामों की तैयारियां जोरों पर हैं। यात्रा का पूरा सिलसिला अगले कुछ महीनों तक चलेगा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में यात्रा पर आएंगे। प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण

श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। हरिद्वार में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र चल रहा है। बिना पंजीकरण यात्रा पर जाना मना है। श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। पंजीकरण के बाद ही यात्रियों को आगे बढ़ने दिया जा रहा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

यात्रा मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा रहेगी। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। आपदा प्रबंधन टीमें भी अलर्ट पर हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

श्रद्धालुओं में उत्साह

यात्रा शुरू होने से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु धामों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की व्यवस्थाओं को सराहा। स्थानीय लोगों में भी खुशी का माहौल है। कारोबारियों को भी यात्रा से लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील की है। मौसम का पूर्वानुमान देखकर यात्रा करें। जरूरी दस्तावेज साथ रखें। ऊंचाई वाले इलाकों में सावधानी बरतें। किसी भी परेशानी में हेल्पलाइन पर संपर्क करें।