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बागेश्वर

बागेश्वर में भूस्खलन से पिंडर घाटी का संपर्क टूटा, पूर्व विधायक समेत कई लोग फंसे

बागेश्वर में भूस्खलन के कारण पिंडर घाटी का संपर्क बाकी क्षेत्रों से कट गया है। एक पूर्व विधायक समेत कई लोग फंसे हुए हैं। प्रशासन ने बचाव और मार्ग खोलने का काम शुरू कर दिया है।

बागेश्वर जिले में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ है। इससे पिंडर घाटी का संपर्क बाकी क्षेत्रों से कट गया। मलबा आने से सड़क बंद हो गई। एक पूर्व विधायक समेत कई लोग फंसे हुए हैं। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है।

भूस्खलन की वजह

लगातार बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ गई। पहाड़ी ढलानों पर दरारें बनीं। इससे बड़े पैमाने पर मलबा गिरा। सड़क पूरी तरह बाधित हो गई। विशेषज्ञों के मुताबिक संवेदनशील इलाकों में ऐसा खतरा बना रहता है।

कौन-कौन फंसा

पिंडर घाटी के कई गांवों का संपर्क टूटा है। एक पूर्व विधायक भी इलाके में फंसे बताए जा रहे हैं। कई यात्री और स्थानीय निवासी भी रास्ते में रुके हुए हैं। प्रशासन उनके संपर्क में है। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।

राहत और बचाव

प्रशासन ने राहत दल रवाना किए हैं। जेसीबी और मजदूर मलबा हटाने में जुटे हैं। फंसे लोगों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। स्वास्थ्य टीमें भी तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने जल्द खुलने का भरोसा दिया है।

मार्ग खोलने की कोशिशें

सड़क विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। मलबा हटाने का काम लगातार चल रहा है। पहले पैदल आवाजाही शुरू करने की कोशिश है। मौसम साफ रहा तो काम तेजी पकड़ेगा। वैकल्पिक रास्तों की भी तलाश की जा रही है।

मौसम का असर

मौसम विभाग ने बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। ऊंचे इलाकों में ठंड बनी हुई है। संवेदनशील ढलानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा कि हालात पर नजर रखी जा रही है।

फंसे लोगों के परिवार चिंतित

फंसे लोगों के परिवारजन चिंतित हैं। कई लोग प्रशासन से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि सभी सुरक्षित हैं। जल्द उन्हें निकाल लिया जाएगा। संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों की भूमिका

स्थानीय लोग राहत कार्य में मदद कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को स्थिति की जानकारी दी। ग्रामीण वाहनों और साधनों से सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने मार्ग जल्द खोलने की मांग की। एकजुटता से काम आसान हो रहा है।

संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी

जिले के कई इलाके भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील हैं। वहां तैनाती बढ़ाई गई है। दरारों और बहाव पर नजर रखी जा रही है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह है। निगरानी तंत्र मजबूत किए जा रहे हैं।

आगे की रणनीति

प्रशासन ने आगे की योजना बनाई है। मौसम सुधरने पर काम तेज होगा। जरूरत पड़ने पर और दल भेजे जाएंगे। अस्थायी रास्ते बनाने पर भी विचार है। लक्ष्य है कि जल्द आवाजाही बहाल हो।

लोगों के लिए सलाह

प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भूस्खलन वाले मार्गों पर जाने से बचें। मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें। संकट में तुरंत प्रशासन को सूचित करें। स्थानीय स्तर पर भी एहतियात बरतें।

बचाव दल की तैनाती

प्रशासन ने बचाव दल को प्रभावित इलाकों में तैनात किया है। टीमें मलबा हटाने और फंसे लोगों तक पहुंचने में जुटी हैं। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। जरूरी रसद और दवाइयां मौके पर पहुंचाई जा रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैयार रखा गया है।

आवाजाही बहाल करने की कोशिश

मशीनरी की मदद से मार्ग खोलने का काम चल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि मौसम खुलते ही काम तेज होगा। वैकल्पिक रास्तों की भी पहचान की जा रही है। लोगों को जरूरी सफर से पहले प्रशासन से जानकारी लेने की सलाह दी गई है। आवाजाही बहाल होने तक सतर्कता जारी रहेगी।