केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है, जिसमें उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए कई बड़ी घोषणाएं शामिल हैं। रेल अधोसंरचना से लेकर किसानों की ऋण सीमा और सड़क परियोजनाओं तक, इस बार राज्य को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड को रेल बजट में 4 हजार 769 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष के आवंटन से अधिक है।
रेल को मिला बड़ा हिस्सा
रेल बजट में मिले इस आवंटन का उपयोग राज्य की प्रमुख रेल परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन सहित अन्य परियोजनाओं पर काम तेज होने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक बेहतर रेल संपर्क से पर्वतीय क्षेत्रों में सफर आसान होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
किसानों के लिए बड़ी राहत
बजट में किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी की ऋण सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की गई है। इससे राज्य के छोटे और सीमांत किसानों को खेती, बागवानी और पशुपालन के लिए अधिक पूंजी उपलब्ध हो सकेगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पहाड़ी इलाकों की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी।
सड़क और एलिवेटेड कॉरिडोर
बजट में सड़क अधोसंरचना पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। ऋषिकेश में ग्रीन एलिवेटेड रोड और पिथौरागढ़ में ट्रिपल टनल जैसी परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से आवागमन सुगम होने की संभावना है। ये परियोजनाएं न केवल यातायात का दबाव कम करेंगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी।
पर्यटन को नई उड़ान
सड़क और रेल संपर्क बेहतर होने से चारधाम यात्रा तथा अन्य पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे होटल, टैक्सी और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
रोजगार की संभावनाएं
अधोसंरचना परियोजनाओं को मिली स्वीकृति से निर्माण कार्य में तेजी आएगी। इससे स्थानीय युवाओं को काम मिलने और पलायन रोकने में मदद मिल सकती है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से राज्य में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
कारोबारियों में उत्साह
बजट की घोषणाओं से राज्य के कारोबारियों और उद्यमियों में भी उत्साह देखा जा रहा है। उनका कहना है कि बेहतर संपर्क और ऋण सुविधाओं से व्यापार विस्तार को बल मिलेगा। हालांकि उन्होंने घोषणाओं के तेजी से क्रियान्वयन की उम्मीद जताई है।
स्वागत और अपेक्षाएं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने बजट की घोषणाओं का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अगर इन परियोजनाओं पर तय समय पर काम शुरू हो जाए तो पहाड़ की तस्वीर बदल सकती है। अब नजर इस बात पर है कि आवंटित धनराशि कितनी जल्दी जमीन पर उतरती है।
अधोसंरचना पर नजर
केंद्र सरकार की ओर से मिली इस सौगात के बाद अब राज्य सरकार पर इसे जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी है। संबंधित विभागों को परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए जाने की उम्मीद है। देरी हुई तो लागत बढ़ने का खतरा भी बना रहता है।
किसानों की प्रतिक्रिया
राज्य के किसानों ने केसीसी ऋण सीमा बढ़ाए जाने का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब वे खेती के साथ-साथ डेयरी और बागवानी में भी निवेश बढ़ा सकेंगे। कई किसानों ने उम्मीद जताई कि बैंक जल्दी और आसान प्रक्रिया से ऋण उपलब्ध कराएंगे।