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नैनीताल

यूके बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू, 21 फरवरी से 20 मार्च तक होंगी लिखित परीक्षाएं

उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू। लिखित परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च तक, 1261 केंद्रों पर होंगी।

रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो गई हैं। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार ये परीक्षाएं 15 फरवरी तक चलेंगी। परिषद ने परीक्षा का पूरा कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया था, जिसमें लिखित परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च तक आयोजित होंगी। एबीपी लाइव की रिपोर्ट के मुताबिक परीक्षा से जुड़ी तारीखें जारी हो चुकी हैं और विद्यार्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल गया है। नैनीताल जनपद के रामनगर सहित प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर प्रयोगात्मक परीक्षाओं की शुरुआत हो चुकी है।

लिखित परीक्षा से पहले एक माह चलेंगी परीक्षाएं

लिखित परीक्षा से पहले प्रयोगात्मक परीक्षा करीब एक माह तक चलेंगी। परिषद के अनुसार हाईस्कूल और इंटर दोनों वर्गों की प्रायोगिक परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराई जा रही हैं। स्कूलों को परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी करने और विद्यार्थियों का अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में बने हैं 1261 परीक्षा केंद्र

इस बार लिखित परीक्षा के लिए प्रदेश में 1261 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 156 संवेदनशील और छह अतिसंवेदनशील केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षार्थियों ने किया आवेदन

परिषद के सचिव विनोद कुमार सिमल्टी ने बताया कि वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 2,16,121 परीक्षार्थियों ने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इनमें हाईस्कूल और इंटर दोनों वर्गों के विद्यार्थी शामिल हैं। परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से केंद्रों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है।

संवेदनशील केंद्रों पर रहेगी विशेष निगरानी

संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी और उड़नदस्ते तैनात किए जाएंगे, ताकि नकल और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

विद्यार्थियों और स्कूलों को दी गई सलाह

परिषद ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे प्रयोगात्मक परीक्षाओं में पूरे मनोयोग से भाग लें और निर्धारित समय पर केंद्रों पर पहुंचें। स्कूलों से कहा गया है कि प्रायोगिक अभ्यास पूरा कराने के बाद ही विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठाया जाए। अभिभावकों को भी विद्यार्थियों की तैयारी में सहयोग करने की सलाह दी गई है।

प्रायोगिक परीक्षाओं का महत्व

प्रायोगिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के अंकों में अहम भूमिका निभाती हैं। शिक्षकों के मुताबिक अच्छे अंक हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को अभ्यास और सटीकता पर ध्यान देना चाहिए। प्रायोगिक परीक्षाओं में मिले अंक अंतिम परिणाम को सीधे प्रभावित करते हैं, इसलिए इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।

अभिभावकों के लिए सुझाव

अभिभावकों से अपील की गई है कि वे विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखें और नियमित पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। समय-समय पर स्कूल से संपर्क बनाए रखें, ताकि परीक्षा की तैयारियों की जानकारी मिलती रहे।

परीक्षा केंद्रों पर पूरी व्यवस्था

परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के बैठने, प्रयोगशाला उपकरण और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था पहले ही कर ली गई है। परिषद ने स्कूलों से कहा है कि प्रायोगिक परीक्षा के दौरान निर्धारित दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए।

लिखित परीक्षाओं की तैयारी अंतिम चरण में

प्रयोगात्मक परीक्षाओं के बाद बोर्ड लिखित परीक्षाओं की तैयारियों को अंतिम रूप देगा। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक व्यवस्था और पुलिस बल की तैनाती को लेकर भी निर्देश जारी किए जा रहे हैं।