शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 देहरादून, उत्तराखंड
मेरा पहाड़ मेरी पहचान
ब्रेकिंग न्यूज़
20 हजार फीट पर देश का पहला हेली रेस्क्यू, गंगोत्री में 67 पर्वतारोही सुरक्षितअक्तूबर में केदारनाथ आ सकते हैं पीएम मोदी, पुनर्निर्माण कार्यों का लेंगे जायजाकुंभ 2027 की तैयारी: एआई और सर्विलांस से निगरानी, 32 सेक्टर व 10 स्नान पर्वसीएम धामी ने चंपावत में किया विज्ञान केंद्र का निरीक्षण, शारदा नदी फ्रंट प्रोजेक्ट का शिलान्यासचारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया शुरू, वाहनों की होगी सख्त जांच
नैनीताल

नैनीताल के अधिवक्ता सिद्धार्थ साह उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी

नैनीताल के अधिवक्ता सिद्धार्थ साह उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए हैं; राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद विधि मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की.

नैनीताल निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ साह को उत्तराखंड उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त कर दिया गया है। दैनिक जागरण के अनुसार भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सोमवार को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक खबर मिलते ही नैनीताल सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया और अधिवक्ताओं तथा गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया।

अधिसूचना और संवैधानिक आधार

जागरण के मुताबिक यह नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद २२४ के खंड (१) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए की गई है। भारत सरकार के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षरित आदेश पांच जनवरी २०२६ को नई दिल्ली स्थित जैसलमेर हाउस से जारी किया गया। भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार नियुक्ति की औपचारिक सूचना उत्तराखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के सचिवालयों को आधिकारिक तौर पर भेज दी गई है।

अनुच्छेद २२४ का प्रावधान

संविधान के अनुच्छेद २२४(१) के तहत उच्च न्यायालयों में अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की जाती है और इस प्रावधान के मुताबिक अतिरिक्त न्यायाधीश को दो वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही ऐसी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जा सकती है।

हाईकोर्ट में वकालत का लंबा अनुभव

सिद्धार्थ साह इससे पहले उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। भास्कर ने उन्हें उच्च न्यायालय का वरिष्ठ अधिवक्ता बताया है और लिखा है कि न्यायिक क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। जागरण के अनुसार वे इस नियुक्ति से पहले हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

नैनीताल से शुरू हुआ सफर

भास्कर के अनुसार सिद्धार्थ साह का जन्म चार सितंबर १९७१ को हुआ था। हाईस्कूल तक की पढ़ाई नैनीताल के सेंट जोसेफ कॉलेज से और इंटरमीडिएट की पढ़ाई बिड़ला विद्या मंदिर से पूरी की। स्नातक की डिग्री दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से हासिल की, जबकि विधि की पढ़ाई कुमाऊं विश्वविद्यालय से की। जागरण के मुताबिक उनके पिता एम.एल. साह भी अधिवक्ता हैं, यानी घर में विधि का माहौल पहले से मौजूद रहा है।

परिवार भी विधि और पत्रकारिता से जुड़ा

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार तल्लीताल निवासी सिद्धार्थ साह की बहन साईं किरण साह अधिवक्ता हैं, जबकि बड़े भाई दीपांजन साह बेंगलुरु में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनके छोटे चाचा राजीव लोचन साह वरिष्ठ पत्रकार हैं। साह की पत्नी का नाम दीप्ति है और परिवार में दो पुत्रियां हैं।

नगर में बधाइयों का दौर

नियुक्ति का समाचार फैलते ही नैनीताल के अधिवक्ता समुदाय में खुशी का माहौल बन गया। भास्कर के मुताबिक नियुक्ति का नैनीताल सहित पूरे क्षेत्र में स्वागत किया गया है और अधिवक्ताओं व गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। जागरण के अनुसार नियुक्ति की जानकारी राज्य के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों तक आधिकारिक रूप से पहुंचा दी गई है।

जिले की उपलब्धि मान रहे लोग

जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक शहर निवासी साह की इस नियुक्ति पर विधि जगत से जुड़े लोगों में गर्व का माहौल है। भास्कर के अनुसार क्षेत्र के लोग इसे नैनीताल की उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं और बधाई देने वालों का सिलसिला जारी है।