अल्मोड़ा। जनपद के भिकियासैंण-विनायक मार्ग पर मंगलवार सुबह एक यात्री बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसा शिलापानी के पास हुआ, जहां सड़क किनारे गहरी खाई है। दुर्घटना में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक यात्री घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं।
द्वाराहाट से रामनगर जा रही थी बस
जानकारी के मुताबिक बस द्वाराहाट के नोबाड़ा से सुबह करीब छह बजे रामनगर की ओर रवाना हुई थी। सुबह आठ बजे के आसपास शिलापानी के पास बस अनियंत्रित हो गई और खाई में जा गिरी। बताया जा रहा है कि बस में करीब 19 यात्री सवार थे। हादसे के समय मौसम साफ था, वजह की जांच की जा रही है।
एसडीआरएफ और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान
हादसे के बाद एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। रस्सियों की मदद से जवान खाई में उतरे और घायलों को बाहर निकाला। घायलों को भिकियासैंण के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर हालत वाले यात्रियों को आगे रेफर किया गया।
एसएसपी ने लिया मौके का जायजा
एसएसपी देवेंद्र पिंचा और आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
मृतकों की शिनाख्त में जुटी पुलिस
पुलिस मृतकों की पहचान करने में जुटी है और परिजनों को सूचना भेजी जा रही है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
पहाड़ी मार्गों पर बढ़ा खतरा
पहाड़ी जिलों में सड़कें संकरी और मोड़दार होती हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। ठंड के मौसम में सड़कों पर फिसलन और कोहरे से दृश्यता कम होने पर जोखिम और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर तकनीकी जांच और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है।
परिजनों में शोक की लहर
हादसे की खबर मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांवों में लोग परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
चालकों को सावधानी की सलाह
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर गति सीमित रखें और ओवरलोडिंग से बचें। यात्रियों से भी कहा गया है कि वे सफर के दौरान सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर ही ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा करें।
हादसे के बाद मार्ग पर आवाजाही बहाल करने के लिए प्रशासन ने मलबा हटवाया और यातायात सामान्य किया गया। जिला प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा ऑडिट कराने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
जिले के दूरस्थ इलाकों में सड़क हादसों को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मार्गों पर क्रैश बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए।